Published: 29th Jan 2025
डॉ. अग्रवाल्स हेल्थकेयर का IPO 29 जनवरी को खुला है और 31 जनवरी तक सब्सक्राइब किया जा सकता है. इस IPO का इश्यू साइज़ लगभग ₹3,027 करोड़ हो सकता है. अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं, तो जल्दी फै़सला लें.
IPO के बाद कंपनी की वैल्यू ₹12,700 करोड़ से ₹12,900 करोड़ के बीच हो सकती है. डॉ. अग्रवाल्स हेल्थकेयर की सबसे बड़ी सब्सिडियरी डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल में इसकी 71.9% हिस्सेदारी है. इस IPO के ज़रिए कंपनी अपनी ग्रोथ को और मज़बूत करना चाहती है.
इस IPO में ₹300 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹2,727 करोड़ का हिस्सा OFS (Offer for Sale) के जरिए बेचा जाएगा. – TPG के पास 33.75% हिस्सेदारी है – Temasek के पास 28.18% हिस्सेदारी है – प्रमोटर ग्रुप के पास 37.83% हिस्सेदारी है ये बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जिससे कंपनी को नया फ़ंड मिलेगा.
भारत में 165 क्लीनिक और विदेश में 15 सेंटर के साथ ये कंपनी आंखों की देखभाल से जुड़ी सेवाएं देती है. – मोतियाबिंद, लेजर और दूसरी आंखों की सर्जरी – ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स और कॉन्टैक्ट लेंस की बिक्री – आई केयर से जुड़ी दवाएं और ट्रीटमेंट इसका भारत के आई केयर मार्केट में 25% हिस्सा है.
– ₹195 करोड़ कंपनी अपने कर्ज़ को चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी – बाक़ी पैसा नए सेंटर खोलने और कंपनी के विस्तार में लगाया जाएगा – कुछ हिस्सा नए अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट ज़रूरतों में जाएगा कंपनी का फ़ोकस अपनी सर्विस को और ज़्यादा शहरों तक पहुंचाने पर रहेगा.
भारत की आई-केयर इंडस्ट्री में अगले कुछ सालों में 12-14% सालाना ग्रोथ हो सकती है. – 2024 में इसका कुल मार्केट साइज़ ₹37,800 करोड़ था – 2028 तक यह बढ़कर ₹55,000-₹65,000 करोड़ हो सकता है मतलब, आने वाले सालों में आई-केयर इंडस्ट्री में बड़ी तेज़ी आने वाली है.
डॉ. अग्रवाल्स हेल्थकेयर सिर्फ़ भारत ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पकड़ बना रही है. – इसकी ग्रोथ अच्छी रही है और इंडस्ट्री में इसका नाम मज़बूत है – भारत में आंखों की बीमारियां बढ़ रही हैं, जिससे आई-केयर सेक्टर की डिमांड बढ़ेगी – निवेशकों के लिए ये एक लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी हो सकती है
आपका फ्यूचर आपके ही हाथों में है. इसे बेहतर बनाने के लिए आज ही सही निवेश का पहला कदम उठाइए. SIP शुरू करें, EPF/PPF में योगदान बढ़ाएं या NPS को अपनाएं. याद रखें, लंबे समय का निवेश ही आपकी फ़िनेंशियल फ़्रीडम की चाबी है. यह आपके आर्थिक लक्ष्यों को पाने का सबसे सही तरीका है.
अगर आप इस IPO में निवेश करना चाहते हैं, तो पहले कंपनी की ग्रोथ और फ़िनेंशियल्स को अच्छे से समझें. कंपनी का बिज़नेस मॉडल मज़बूत है, लेकिन हर IPO में रिस्क भी होते हैं. निवेश से पहले पूरी रिसर्च करें और सोच-समझकर फै़सला लें.
इस लेख का उद्देश्य निवेश की जानकारियां देना है. ये निवेश की सलाह नहीं है.