Published: 30th Jan 2025
नए नियम आपकी सैलरी, रिटायरमेंट फंड और निकासी पर असर डाल सकते हैं। जानिए पूरा अपडेट!
सरकार कर्मचारियों के फायदों को बढ़ाने और EPF को ज़्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए नए नियम लागू करने जा रही है।
अब कर्मचारी EPFO से हायर पेंशन का विकल्प चुन सकते हैं। इससे रिटायरमेंट के बाद ज़्यादा पेंशन मिलेगी, लेकिन मौजूदा EPF योगदान पर असर पड़ेगा।
अगर आपका EPF बैलेंस सालाना 2.5 लाख से ज़्यादा है, तो उस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना होगा। यह हाई-इनकम कर्मचारियों को प्रभावित कर सकता है।
अब EPF से आसान निकासी के नए नियम आ सकते हैं। डिजिटल KYC होने से पैसा निकालना तेज़ और आसान होगा।
अब कर्मचारी रियल-टाइम में EPF बैलेंस और पेंशन स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे। इसके लिए EPFO नए डिजिटल टूल्स लाने की तैयारी कर रहा है।
EPS (Employee Pension Scheme) में ऑटोमैटिक एनरोलमेंट किया जा सकता है। यानी नया कर्मचारी EPF में रजिस्टर होते ही EPS का हिस्सा बन जाएगा।
इन बदलावों से रिटायरमेंट फंड ज़्यादा सुरक्षित होगा। लेकिन हायर पेंशन और टैक्स नियमों से वेतन और सेविंग्स पर असर हो सकता है।
✅ EPF बैलेंस और ब्याज की निगरानी करें। ✅ डिजिटल KYC अपडेट रखें। ✅ जरूरत के हिसाब से हायर पेंशन का विकल्प चुनें।
यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। Value Research Dhanak निष्पक्ष और सूचित राय प्रदान करता है।