Published: 25th Sep 2024
माना कि भारत 'फ़िक्स्ड-इनकम वाला देश' है, पर इसमें भी ग़लत निवेश का चुनाव क्यों, और सही निवेश क्या है जानते हैं यहां?
आप सारी बचत, फ़िक्स्ड-इनकम में कर रहे हैं! ये पाप है. हालांकि ये दूसरे नंबर का पाप है. पहला है, कोई बचत नहीं करना या कम बचत करना. फ़िक्स्ड-इनकम के तरीक़ों में PPF, बैंक डिपॉज़िट, पोस्ट ऑफ़िस आते हैं.
सबसे अच्छे और सबसे ख़राब फ़िक्स्ड-इनकम के विकल्प का फ़र्क़ शायद 1.5 से 2% का ही हो. और ये फ़र्क़ भले छोटा लगे, पर ये फ़र्क़ धीरे-धीरे काफ़ी बड़ा हो जाता है. दरअसल, दो दशकों में मुनाफ़े में 2% सालाना का फ़र्क़, 50% से ज़्यादा हो जाएगा.
बड़ी बात ये है कि आमतौर पर लंबे समय का फ़ंड निवेश, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट से 1% ज़्यादा रिटर्न दे देता है. टैक्स एक जैसा होने के बावजूद, मिलजुल कर ऐसे छोटे-छोटे फ़ायदे फ़िक्स्ड इनकम फ़ंड्स को एक बेहतर विकल्प बनाते हैं.
ये एक त्रासदी ही कही जाएगी कि बचत करने वाले ज़्यादातर भारतीय, चाहे ज़्यादातर फ़िक्स्ड इनकम के निवेशों पर निर्भर हैं, पर वो अच्छी तरह से उसका फ़ायदा नहीं ले पाते हैं.