Published: 09th Jan 2025
इस 7 पार्ट की सीरीज़ के दूसरे पार्ट जहां हम फ़ाइनेंशियल प्लानिंग की अहमियत पर बात कर रहे हैं
किसी भी निवेश में आपके लिए ज़रूरी है फ़ाइनेंशियल प्लानिंग और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है रिस्क की समझ रखना कि आप निवेश में कितना रिस्क ले सकते हैं. इसके लिए हमने स्टोरी में रिस्क की क्षमता के मुताबिक़ टेबल दी है. इसके लिए वेब स्टोरी की आख़िरी स्लाइड में स्टोरी लिंक पर क्लिक करें.
गोल की ओर दौड़ते हुए,अचानक गिरने से बचने के लिए इमरजेंसी फ़ंड और इंश्योरेंस तो चाहिए ही. हेल्थ और लाइफ़ इंश्योरेंस के साथ-साथ इमरजेंसी कॉर्पस भी होना चाहिए. ताक़ि मुश्किल समय का सामना आसानी से कर सकें.
निवेश की शुरुआत करने से पहले इस बारे में सोचें कि आप कितना रिस्क ले सकते हैं. फ़ाइनेंशियल गोल के मुताबिक़ अपना पोर्टफ़ोलियो बनाएं. किसी भी एसेट क्लास में कितना निवेश करना है, ये आपके रिस्क लेने और सहजता से पैसे देने की क्षमता पर निर्भर करता है.
अगर आपका गोल अगले 1-3 साल में पूरा होने वाला है तो Debt Fund जैसे रक्षित निवेश के विकल्प का चुनाव करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि डेट फ़ंड में उतार-चढ़ाव कम होता है और निवेश के लिए ये सबसे स्थिर और सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं.
लंबे समय के गोल के लिए बिना किसी शक़ के इक्विटी आपके पोर्टफ़ोलियो का हिस्सा होनी चाहिए. मंहगाई से जूझने के लिए यही सबसे बेहतर है.
इस लेख का उद्देश्य निवेश की जानकारियां देना है. ये निवेश की सलाह नहीं है.