Published: 18th Jan 2025
IDCW यानी इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल. इसमें फंड हाउस समय-समय पर आपको डिविडेंड देता है.
फंड हाउस डिविडेंड अनाउंस करता है. ये आपकी ही निवेश की गई राशि का हिस्सा होता है, कोई एक्स्ट्रा इनकम नहीं.
मान लीजिए आपके पास 1,000 यूनिट हैं और फंड हाउस ने ₹2 प्रति यूनिट डिविडेंड दिया, तो आपको ₹2,000 मिलेंगे. लेकिन आपकी NAV घट जाएगी.
डिविडेंड मिलने के बाद NAV कम होती है, जिससे आपकी कुल वैल्यू कम हो जाती है. मतलब, आपकी इन्वेस्टमेंट ग्रोथ स्लो हो सकती है.
डिविडेंड पर टैक्स आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लगता है, जिससे आपका प्रॉफिट कम हो सकता है.
1. डिविडेंड = फ्री मनी - नहीं, ये आपकी ही इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है. 2. डिविडेंड रेगुलर मिलेगा - ज़रूरी नहीं, ये फंड हाउस पर डिपेंड करता है.
IDCW प्लान्स में कंपाउंडिंग का फायदा नहीं मिलता. डिविडेंड पर टैक्स से रिटर्न कम हो सकता है.
ग्रोथ प्लान और SWP ऑप्शन आपके पैसे को बढ़ने में मदद करते हैं और कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है.
लॉन्ग टर्म के लिए IDCW प्लान्स से बचें और ग्रोथ प्लान चुनें, ताकि आपके पैसे की सही ग्रोथ हो.
म्यूचुअल फंड्स में सही चुनाव के लिए Value Research का सहारा लें और समझदारी से निवेश करें.
यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है. निवेश या वित्तीय फैसले लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें.