Published on: 3rd Jan 2026
आप ₹5,000 निवेश करते हैं, लेकिन यूनिट्स उससे थोड़ी कम रक़म की मिलती हैं. पहली बार देखने पर ये अजीब लगता है. सवाल उठना बिल्कुल सही है. आखिर ये पैसा कहां गया और क्यों.
म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करते समय सरकार स्टाम्प ड्यूटी लेती है. ₹5,000 के निवेश पर ₹0.25 कटते हैं. यानी यूनिट्स पूरे ₹5,000 की नहीं, बल्कि ₹4,999.75 की एलोकेट होती हैं. यही वो छोटा सा फ़र्क है.
स्टाम्प ड्यूटी की दर है 0.005%. ₹5,000 × 0.005% = ₹0.25. इसलिए यूनिट्स ₹4,999.75 के लिए मिलती हैं. ये कोई छुपा हुआ चार्ज नहीं, बल्कि तय नियम है जो हर निवेश पर लागू होता है.
स्टाम्प ड्यूटी लगती है – SIP निवेश पर – लंपसम निवेश पर – डिविडेंड को दोबारा निवेश करने पर लेकिन रिडेम्शन या स्विचिंग के समय ये कटौती नहीं होती. यहीं अक्सर लोगों को कंफ़्यूज़न होता है.
हकीकत ये है कि स्टाम्प ड्यूटी से बचा नहीं जा सकता, और ये सभी निवेशकों पर समान रूप से लागू होती है. ₹5,000 पर ₹0.25 की कटौती से न तो रिटर्न बिगड़ता है, न ही पोर्टफ़ोलियो. असली असर लॉन्ग-टर्म अनुशासन से आता है.
म्यूचुअल फ़ंड निवेश स्प्रिंट नहीं, मैराथन है. छोटी कटौतियों को इग्नोर करें और फ़ोकस रखें सही प्लानिंग और समय पर निवेश पर. असली ग्रोथ वहीं से आती है.
ये निवेश की सलाह नहीं बल्कि जानकारी के लिए है. अपने निवेश से पहले अच्छी तरह से रिसर्च करें.