Published: 09th Jan 2025
रेगुलर प्लान बिचौलियों (डिस्ट्रीब्यूटर) के ज़रिए निवेश, जिसमें कमीशन जुड़ा होता है. और डायरेक्ट प्लान सीधे म्यूचुअल फ़ंड हाउस से निवेश, बिना किसी कमीशन के.
कम लागत डायरेक्ट प्लान में एक्सपेंस रेशियो कम होता है. और ज़्यादा रिटर्न समय के साथ लागत की बचत आपके रिटर्न को बेहतर बनाती है. साथ ही पारदर्शिता आपके निवेश पर आपका सीधा नियंत्रण.
ऑनलाइन - अपने म्यूचुअल फ़ंड हाउस की वेबसाइट या ऐप पर लॉग-इन करें. डायरेक्ट प्लान पर स्विच का विकल्प चुनें. ऑफ़लाइन - नज़दीकी म्यूचुअल फ़ंड ब्रांच पर जाएं. स्विच फ़ॉर्म भरें.
स्विच को नए निवेश के तौर पर गिना जाता है इसलिए टैक्स लागू हो सकते हैं. इक्विटी फ़ंड शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन पर 15%, लॉन्ग-टर्म गेन पर ₹1 लाख से ऊपर 10%. और डेट फ़ंड शॉर्ट-टर्म पर आपकी इनकम स्लैब के अनुसार, लॉन्ग-टर्म पर 20% (इंडेक्सेशन के बाद). एग्ज़िट लोड लागू हो सकता है.
डायरेक्ट प्लान पर स्विच करने के बाद, अपने पोर्टफ़ोलियो की रेगुलर चेक करें ताक़ि ये आपके आर्थिक लक्ष्य के मुताबिक़ बना रहे.
अगर आप लागत कम करना और अपने निवेश पर नियंत्रण पाना चाहते हैं, तो डायरेक्ट प्लान आपके लिए एक स्मार्ट विकल्प है.
इस लेख का उद्देश्य निवेश की जानकारियां देना है. ये निवेश की सलाह नहीं है. निवेश से पहले पूरी रिसर्च करें. इस विषय पर डिटेल जानकारियों के लिए अगली स्लाइड पर दिए लिंक पर क्लिक करें