Factor-based funds क्या हैं? 4 point में जानें इनके फ़ायदे 

Published:  27th Sept  2024

By: Value Research Dhanak

फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड्स में निवेश लार्ज-कैप फ़ंड्स से ज़्यादा फ़ायदे का सौदा है? 

हम क्यों फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड्स की बात कर रहे हैं? 

जहां लार्ज-कैप फ़ंड्स बेंचमार्क को मात देने के लिए जूझ रहे हैं वहीं, फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड उनका विकल्प बन कर उभरे हैं. 

क्या होते हैं, फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड्स? 

फैक्टर-बेस्ड फ़ंड' कुछ 'फ़ैक्टर्स' के आधार पर अपने स्टॉक चुनते हैं, वो ऐसे ही फ़ैक्टरों पर ध्यान देते हैं जिन्होंने हाल ही में बेहतर रिटर्न दिए हों. भारत में निवेश के लिए सिर्फ़ चार बड़े फ़ैक्टर हैं.  

1. मोमेंटम फ़ंड 

ये फ़ंड मज़बूत मौजूदा मूल्य प्रदर्शन वाले शेयरों में निवेश करते हैं. जब स्टॉक की क़ीमतें ऊपर की ओर होती हैं, तो मोमेंटम फ़ंड उनमें निवेश करके उनका फ़ायदा उठाते हैं. 

2. वैल्यू  

ये फ़ंड उम्मीद से कम वैल्यू वाली कंपनियों की पहचान करते हैं और उनमें निवेश करते हैं और बेहतर डिविडेंट यील्ड और ROCE का दावा करते हैं. ये फ़ंड मंदी के बाज़ार के दौरान चमकने के लिए जाने जाते हैं क्योंकि ये आमतौर पर सबसे पहले रिकवर कर जाते हैं. 

3. क़्वॉलिटी  

ये फ़ंड ऊंची प्रॉफ़िटेबिलिटी या लाभप्रदता, कम क़र्ज़ और स्थिर आय वाले स्टॉक को चुनते हैं. उतार-चढ़ाव के दौर में ये सुरक्षित रहते हैं. 

लो वॉलेटैलिटी 

ये  फ़ंड्स (कम उतार-चढ़ाव वाले फ़ंड्स) ऐसी कंपनियों में निवेश करते हैं जिनके प्राइस में कम उतार-चढ़ाव होता है, जिससे बाज़ार की उथल-पुथल के दौरान उनकी मुश्किलें कम रहती हैं. 

क्या लार्ज-कैप फ़ंड की जगह फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड ले सकते हैं ?

मोमेंटम और वैल्यू-बेस्ड फ़ैक्टर फ़ंड के कॉम्बिनेशन ने असरदार नतीजे दिए हैं. इसलिए, इन फ़ंड्स को लार्ज-कैप फ़ंड्स के विकल्प के तौर पर देखना सही है. अगर इनमें निवेश से पूंजी बनानी है तो लंबे समय तक निवेश जारी रखें. 

लार्ज-कैप की जगह फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड में निवेश पर सावधानी क्या हो?

मार्केट में आगे क्या होगा इसका अंदाज़ा लगा कर फ़ैक्टर-बेस्ड फ़ंड्स में निवेश से बाज़ार को पछ़ाने की कोशिश न करें.  इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए हमारा पूरा आर्टिकल पढ़ें. लिंक अगली स्लाइड में.