Liquid Fund क्या होते हैं? 5 बड़ी बातें

Published:  26th Sept  2024

By: Value Research Dhanak

लिक्विड फ़ंड का मुख्य उद्देश्य लिक्विडिटी और पैसे को सुरक्षा देना है

लिक्विड फ़ंड की परिभाषा 

लिक्विड फ़ंड एक प्रकार का म्यूचुअल फ़ंड है, जो कम अवधि के विकल्पों में निवेश करता है. इसमें निवेशक का पैसा ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर्स, सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट्स जैसे शॉर्ट टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है. 5 बड़ी बातें… 

1. निवेश की अवधि 

लिक्विड फंड में मेच्योरिटी बहुत कम होती है, जो आम तौर पर 91 दिन तक होती है. इसलिए ये उन लोगों के लिए आदर्श है, जिन्हें कम समय के लिए निवेश करना है और उन्हें फ़ंड से तुरंत पैसा निकालने की ज़रूरत हो सकती है. 

2. रिस्क और रिटर्न 

लिक्विड फ़ंड का जोख़िम तुलनात्मक रूप से कम होता है, क्योंकि ये सुरक्षित और कम जोख़िम वाले विकल्पों में निवेश करता है. इसका रिटर्न, सेविंग अकाउंट या FD से थोड़ा ज़्यादा हो सकता है. 

3. लिक्विडिटी   

Liquidity: लिक्विड फ़ंड की सबसे बड़ी ख़ासियत इसकी पर्याप्त लिक्विडिटी है. निवेशक कभी भी अपने निवेश से पैसे निकाल सकते हैं और आम तौर पर 24 घंटे के भीतर पैसा उनके बैंक खाते में आ जाता है. 

4. टैक्स कितना लगता है 

लिक्विड फ़ंड से मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स के नियम, निवेश की अवधि पर निर्भर करते हैं. इस पर निवेश की अवधि के हिसाब से शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) लागू होते हैं. 

5. किसे लिक्विड फ़ंड में निवेश करना चाहिए? 

लिक्विडी फ़ंड उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो कम जोख़िम वाले, सुरक्षित और लचीले निवेश विकल्प की तलाश में हैं. जो लोग अपने इमरजेंसी फ़ंड को थोड़ा बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए ये एक बेहतरीन विकल्प है. 

आख़िरी लेकिन अहम बात 

लिक्विड फंड निवेश का एक सुरक्षित और लिक्विड विकल्प है, जो कम समय के फ़ाइनेंशियल गोल्स के लिए सही है. कम जोख़िम और आसानी से पैसे निकालने की सुविधा के चलते ये निवेशकों के बीच ख़ासा लोकप्रिय है.