Updated: 20th Sept 2024
By: Value Research Dhanak
NPS वात्सल्य स्कीम में माता-पिता अपने बच्चों के लिए उनके बालिग होने तक NPS अकाउंट में फ़ंड इकठ्ठा कर सकेंगे, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे. जैसे ही बच्चा बालिग हो जाता है, तो ये स्कीम NPS Vatsalya से NPS में तब्दील कर दी जाएगी.
इस स्कीम की ख़ास बात ये है कि बच्चा अपने कामकाजी सालों के दौरान उसी NPS अकाउंट को जारी रख सकता है, जिससे एक बड़ा रिटायर्मेंट कॉर्पस जमा हो सकता है.
माता-पिता या अभिभावक को खाता खोलते समय ₹1,000 का शुरुआती योगदान करना होगा. इसके बाद, कम से कम ₹1,000 का सालाना योगदान ज़रूरी है, जिसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है.
माता-पिता या अभिभावक तीन साल बाद नीचे दी घई वजहों से 25 प्रतिशत तक की रक़म निकाल सकते हैं: a) शिक्षा b) कोई ख़ास बीमारी c) विकलांगता. हालांकि, बच्चे के 18 साल का होने तक तीन बार ही पैसा निकाला जा सकता है.
NPS वात्सल्य का खाता, पेंशन फ़ंड रेग्युलेटरी एंड डवलपेंट अथॉरटी (PFRDA) के साथ रजिस्टर्ड, प्वाइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस (POP) संस्थानों के ज़रिए से खोला जा सकता है. वैकल्पिक तौर पर, कोई व्यक्ति NPS ट्रस्ट के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म (eNPS) पर जाकर भी खाता खोल सकता है.