Published on: 19th Dec 2025

पोर्टफ़ोलियो में कितने स्टॉक्स रखना सही है?

मान लीजिए ₹5 लाख की रक़म है और निवेश का लक्ष्य 10 साल का है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कितने स्टॉक्स ख़रीदे जाएं. बहुत कम होंगे तो रिस्क ज़्यादा होगा और बहुत ज़्यादा होंगे तो कंट्रोल मुश्किल हो जाएगा. सही संख्या ही निवेश की नींव तय करती है.

डाइवर्सिफ़िकेशन ज़रूरी है, लेकिन लिमिट के साथ 

जब कोई व्यक्ति ख़ुद स्टॉक्स में निवेश करता है, तो पोर्टफ़ोलियो में डाइवर्सिफ़िकेशन होना बेहद ज़रूरी है. अलग-अलग कंपनियों में निवेश करने से रिस्क बंटता है. लेकिन बहुत ज़्यादा डाइवर्सिफ़िकेशन करने से रिटर्न का असर भी बंट जाता है. इसलिए बैलेंस बनाना सबसे अहम होता है.

धीरेंद्र कुमार की साफ़ राय 

धीरेंद्र कुमार के मुताबिक़, ₹5 लाख के निवेश के लिए करीब 10 से 15 स्टॉक्स काफ़ी होते हैं. इतनी संख्या में स्टॉक्स रखने से पोर्टफ़ोलियो संतुलित रहता है और निवेशक के लिए उसे संभालना भी आसान होता है. इससे न तो रिस्क बहुत बढ़ता है और न ही पोर्टफ़ोलियो बिखरता है.

कम स्टॉक्स, ज़्यादा फोकस 

स्टॉक्स में निवेश आसान नहीं होता. जब आप किसी कंपनी में लॉन्ग-टर्म निवेश करते हैं, तो उस पर नज़र रखना ज़रूरी होता है. बहुत ज़्यादा स्टॉक्स होने पर हर कंपनी को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. 10–15 स्टॉक्स का पोर्टफ़ोलियो ऐसा होता है, जिस पर निवेशक नियमित ध्यान दे सकता है और दिलचस्पी भी बनी रहती है.

निवेश का असली मंत्र 

संक्षेप में कहें तो ₹5 लाख के निवेश के लिए 10–15 स्टॉक्स एक समझदारी भरा विकल्प हैं. लेकिन इसके साथ एक और बात ज़रूरी है. निवेश खुले मन से करें, हर छह महीने में पोर्टफ़ोलियो की समीक्षा करें और अगर किसी कंपनी को लेकर राय बदलती है, तो बदलाव से हिचकिचाएं नहीं. यही लॉन्ग-टर्म निवेश की असली ताक़त है.

डिस्क्लेमर  

ये निवेश की सलाह नहीं बल्कि जानकारी के लिए है. अपने निवेश से पहले अच्छी तरह से रिसर्च करें.