वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट
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प्रक्रिया बनाम अनियमितता
ट्रेडर, मैथेमेटिशियन और लेखक नसीम तालेब का मानना है कि बाज़ार हमारी सोच से कहीं ज़्यादा रैंडम हैं. वहीं, मॉडल्स तथा इन्वेस्टमेंट थियरीज़ पर बढ़ती निर्भरता वित्तीय तबाही की आशंका और बढ़ा रही है.
इतना लंबा सफ़र
आज सबसे बड़ा एक्टिव फ़ंड उतनी रक़म मैनेज करता है, जितनी इस मैगज़ीन के शुरू होने पर पूरी इंडस्ट्री करती थी
इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!
पिछले 30 साल से, मैं पाठकों से हर संकट का डटकर सामना करने के लिए कहता आया हूं. लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध इसका अपवाद है, और यहां ख़बर से ज़्यादा उसका कारण मायने रखता है.
संकेत पढ़ें, सूची नहीं
प्रधानमंत्री की सात अपीलें खपत के बारे में हैं, लेकिन उनका असली संकेत रुपये से जुड़ा है
ओमाहा का वो दौर अब खत्म हुआ
कभी-कभी बहुत ज़्यादा इंतज़ार करने से मौक़े हाथ से निकल सकते हैं
सीधी सोच का जाल
बाज़ार को लेकर पूरे भरोसे से की गई भविष्यवाणियां अक्सर सबसे अहम बात समझने से चूक जाती हैं
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