मार्केेट कैप
₹97 करोड़
मार्केेट कैप
₹97 करोड़
रेवेन्यू (पिछले 12 महीनों में)
₹2,819 करोड़
पी/ई रेशियो
0.5
पी/बी रेशियो
1.1
डिव. यील्ड
0 %
आज का रेंज
52 सप्ताह रेंज
लिक्विडिटी
नेट प्रॉफ़िट (TTM)
₹219 करोड़
रेिटर्न ऑन इक्विटी
7 %
ROCE
7.4 %
इंडस्ट्री P/E
29.03
EV/EBITDA
-6.7
डेट टू इक्विटी
0.5
Book Value
₹40483.5
EPS
₹2734.6
फ़ेस वैल्यू
10
बक़ाया शेयर
800,000
CFO
2,519.08 करोड़
ईबीआईटीडीए
3,112.91 करोड़
नेट प्रॉफ़िट
1,865.28 करोड़
|
कंपनी
|
इयर-टू-डेट
|
1 महीना
|
3 महीने
|
1 साल
|
3 साल
|
5 साल
|
10 साल
|
|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
BSE Sensex
| -8.4 | 0.0 | -7.2 | 5.0 | 9.0 | 9.4 | 12.1 |
|
BSE CG
| 8.8 | 4.5 | 10.1 | 25.9 | 26.7 | 27.9 | 18.9 |
क्या कंपनी में सॉल्वेंसी का कोई ख़तरा है?
क्या अकाउंटिंग की किसी गड़बड़ी का अंदेशा है?
कंपनी का पिछले एक साल का प्रदर्शन कैसा रहा?
5Y Avg -- 3Y Avg -- TTM --
पी/ई रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
पी/बी रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
अर्निंग्स यील्ड (%)
--
Earnings Yield (%) = EBIT / Enterprise value
PEG Ratio
--
Price = Price / Earnings to growth ratio
कोई रिव्यू और अनालेसिस मौजूद नहीं है
--
निगमित
1946
चेयरमैन
चंद्रकांत बिरला
मैनेजिंग डायरेक्टर
--
ग्रुप
बिरला के
हेडक्वार्टर्स
Kolkata, West Bengal
वेबसाइट
National Engineering Industries Ltd का P/E रेशियो 12-अप्रैल-2023 तक 0.47 है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के 29.03 के औसत से 98% प्रीमियम/डिस्काउंट पर है.
National Engineering Industries Ltd का P/B रेशियो 12-अप्रैल-2023 तक 1.07 है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के 1.40 के औसत से 24% प्रीमियम/डिस्काउंट पर है.
हर साल के फ़ाइनैंशियल्सं PE & PB रेशियो
| वर्ष | पी/ई रेशियो | पी/बी रेशियो |
|---|---|---|
|
2022
|
0.00
|
0.00
|
|
2021
|
0.00
|
0.00
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|
2020
|
0.00
|
0.00
|
|
2019
|
0.00
|
0.00
|
|
2018
|
0.00
|
0.00
|
National Engineering Industries Ltd का 52-सप्ताह का सबसे ऊंचा और निचला स्तर 11-अप्रैल-2026 तक ₹-- और ₹-- है।
National Engineering Industries Ltd का मार्किट कैपिटलाइज़ेशन, 12-अप्रैल-2023 तक ₹ 97 करोड़ है, SEBI क्लासिफ़िकेशन के अनुसार ये एक कंपनी है.
National Engineering Industries Ltd में निवेश करने से पहले, अपने लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता के साथ-साथ इस बात पर ग़ौर करें कि क्या कंपनी आपकी लंबे समय की योजना के हिसाब से सही है. इसका बिज़नस मॉडल, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन की सावधानी से जांच करें. टिप्स या शॉर्ट टर्म के रुझानों के आधार पर फ़ैसले लेने से बचें.