SBI Nifty 50 ETF
रिटर्न
रिस्क
इस फंड में वेरी हाई रिस्क है।
सेबी के रिस्कोमीटर के आधार पर
SBI Nifty 50 ETF का पोर्टफ़ोलियो
एसेट एलोकेशन
Split between different types of investments
मार्केट कैप वेटेज
Split between categories of Equity investments
समकक्ष से तुलना
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फंड का नाम
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रेटिंग |
हमारी राय |
रिस्क
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रिटर्न (%) |
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बेस एक्सपेंस रेशियो (%)
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SBI Nifty 50 ETF
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वेरी हाई
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लोडिंग... |
0.04 |
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वेरी हाई
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लोडिंग... |
0.04 |
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वेरी हाई
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लोडिंग... |
0.04 |
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वेरी हाई
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लोडिंग... |
0.03 |
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वेरी हाई
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लोडिंग... |
0.04 |
SBI Nifty 50 ETF के दूसरे डीटेल
एसेट
₹2,05,278 करोड़
एग्ज़िट लोड (Days)
--
न्यूनतम निवेश (₹)
5,000
न्यूनतम निकासी (₹)
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न्यूनतम SIP निवेश (₹)
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चैक की न्यूनतम संख्या
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SBI Nifty 50 ETF के बारे में
SBI Nifty 50 ETF equity की एक SBI Mutual Fund म्यूचुअल फ़ंड स्कीम है. जुलाई 22, 2015 को लॉन्च हुए इस फ़ंड का प्रबंधन वर्तमान में Viral Chhadva द्वारा किया जा रहा है. फ़ंड का एक्सपेंस रेशियो 0.04% है और इसका कुल AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ₹2,05,278 करोड़ है.
एसबीआई निफ्टी 50 ईटीएफ को हर समय लार्ज-कैप शेयरों में अपनी संपत्ति का कम से कम 80 प्रतिशत निवेश करना अनिवार्य है. निष्क्रिय रूप से प्रबंधित होने के कारण, यह अपने चुने हुए बेंचमार्क इंडेक्स के पोर्टफोलियो को दोहराता है. यह फ़ंड न्यूनतम ₹-- का एकमुश्त निवेश और न्यूनतम ₹-- की SIP की अनुमति देता है.
निवेश की रणनीति
योजना के निवेश का उद्देश्य दिए गए सूचकांक में शामिल शेयरों मेें मिलने वाले कुल रिटर्न से मिलता जुलता रिटर्न पेदा करना है, हालांकि इसमें ट्रैकिंग एरर की संभावना है.
उपयुक्तता
Large-cap funds are suitable for investors:
- Seeking exposure in large-cap stocks for moderately high returns
- Aiming for long-term wealth creation
- With a 5+ year investment horizon
- Who are at ease with the market's ups and downs
Note:
- Invest only through SIP
- Being passively managed, the fund replicates the portfolio of its chosen benchmark index
कैपिटल गेन्स टैक्स
- अगर म्यूचुअल फ़ंड यूनिट निवेश की तारीख़ से 1 साल के बाद बेची जाती हैं, तो एक वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक के लाभ पर टैक्स नहीं लगता है. ₹1.25 लाख से ज़्यादा के लाभ पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है.
- अगर म्यूचुअल फ़ंड यूनिट निवेश की तारीख़ से 1 साल के भीतर बेची जाती हैं, तो लाभ की पूरी राशि पर 20% की दर से टैक्स लगता है.
- जब तक आप यूनिट को अपने पास रखना जारी रखते हैं, तब तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है.
डिस्क्लेमर: टैक्स से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक तौर पर और दूसरे स्रोतों पर उपलब्ध जानकारियों से तैयार करने की पूरी कोशिश की गई है, जिसे वैल्यू रिसर्च विश्वसनीय मानता है. इसका उद्देश्य टैक्स संबंधी सलाह देना नहीं है, और हमारी आपको सलाह है कि कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने टैक्स सलाहकार से परामर्श ज़रूर करें. वैल्यू रिसर्च इस जानकारी के आधार पर किसी भी निवेश या निवेश से बाहर निकलने के निर्णय से होने वाले किसी नुक़सान या क्षति की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता है और न ही कोई दायित्व स्वीकार करता है.
डिविडेंड टैक्स
- लाभांश को निवेशकों की आय में जोड़ा जाता है और उनके संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है. इसके अलावा, अगर किसी निवेशक की लाभांश आय एक वित्तीय वर्ष में ₹10,000 से ज़्यादा है, तो फ़ंड हाउस लाभांश वितरित करने से पहले 10% का टीडीएस भी काटता है.
FAQ for एसबीआई निफ्टी 50 ईटीएफ़
SBI Nifty 50 ETF में कैसे निवेश करें?
SBI Nifty 50 ETF में निवेश करने के लिए स्टॉकब्रोकर के साथ आपका एक डीमैट खाता और एक ट्रेडिंग खाता होना चाहिए, क्योंकि एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड्स (ETFs) को स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह ख़रीदा और बेचा जाता है. आप अपने ब्रोकर के प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए SBI Nifty 50 ETF को सीधे ख़रीद सकते हैं.
SBI Nifty 50 ETF का आज का NAV क्या है??
SBI Nifty 50 ETF का हालिया घोषित NAV 19-जून-2026 को ₹259.0913 है.
SBI Nifty 50 ETF की टॉप होल्डिंग क्या है?
| कंपनी | पोर्टफ़ोलियो का प्रतिशत |
|---|---|
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10.53
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8.30
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8.25
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5.19
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4.43
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SBI Nifty 50 ETF का पिछले 5 वर्षों का रिटर्न क्या है?
पिछले पांच वर्षों में, SBI Nifty 50 ETF ने 19-जून-2026 तक 10.20% का वार्षिक रिटर्न दिया है.
SBI Nifty 50 ETF में न्यूनतम कितना निवेश कर सकते हैं?
SBI Nifty 50 ETF में निवेश शुरू करने के लिए एकमुश्त विकल्प में ₹5,000 और SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) विकल्प में ₹-- के न्यूनतम निवेश की ज़रूरत होती है.