मार्केेट कैप
₹1 करोड़
मार्केेट कैप
₹1 करोड़
रेवेन्यू (पिछले 12 महीनों में)
₹3 करोड़
पी/ई रेशियो
6.7
पी/बी रेशियो
0.5
डिव. यील्ड
0 %
आज का रेंज
52 सप्ताह रेंज
लिक्विडिटी
नेट प्रॉफ़िट (TTM)
₹1 करोड़
रेिटर्न ऑन इक्विटी
6.6 %
ROCE
6.7 %
इंडस्ट्री P/E
49.64
EV/EBITDA
5.1
डेट टू इक्विटी
--
Book Value
₹--
EPS
₹1.2
फ़ेस वैल्यू
10
बक़ाया शेयर
5,400,000
CFO
0.80 करोड़
ईबीआईटीडीए
1.68 करोड़
नेट प्रॉफ़िट
0.11 करोड़
|
कंपनी
|
इयर-टू-डेट
|
1 महीना
|
3 महीने
|
1 साल
|
3 साल
|
5 साल
|
10 साल
|
|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
BSE Sensex
| -7.3 | 5.8 | -5.7 | 0.0 | 9.6 | 10.4 | 11.8 |
|
BSE Commodities
| 5.3 | 11.3 | 3.3 | 16.2 | 17.6 | 13.5 | 16.0 |
क्या कंपनी में सॉल्वेंसी का कोई ख़तरा है?
क्या अकाउंटिंग की किसी गड़बड़ी का अंदेशा है?
कंपनी का पिछले एक साल का प्रदर्शन कैसा रहा?
5Y Avg -- 3Y Avg -- TTM --
पी/ई रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
पी/बी रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
अर्निंग्स यील्ड (%)
--
Earnings Yield (%) = EBIT / Enterprise value
PEG Ratio
--
Price = Price / Earnings to growth ratio
कोई रिव्यू और अनालेसिस मौजूद नहीं है
दरवाजे, खिड़कियां और उनके फ्रेम, शटर और रोलिंग शटर, गेट और इमारतों पर इस्तेमाल होने वाली इसी तरह की वस्तुओं का निर्माण
निगमित
1993
चेयरमैन
सुभाष अग्रवाल
मैनेजिंग डायरेक्टर
सुभाष अग्रवाल
हेडक्वार्टर्स
Chennai, Tamil Nadu
वेबसाइट
सालाना रिपोर्ट
Indo-Germa Products Ltd का P/E रेशियो 13-जून-2001 तक 6.69 है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के 49.64 के औसत से 87% प्रीमियम/डिस्काउंट पर है.
Indo-Germa Products Ltd का P/B रेशियो 13-जून-2001 तक 0.53 है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के 2.89 के औसत से 82% प्रीमियम/डिस्काउंट पर है.
हर साल के फ़ाइनैंशियल्सं PE & PB रेशियो
| वर्ष | पी/ई रेशियो | पी/बी रेशियो |
|---|---|---|
|
2009
|
0.00
|
0.00
|
|
2008
|
0.00
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0.00
|
|
2007
|
0.00
|
0.00
|
|
2006
|
0.00
|
0.00
|
|
2005
|
0.00
|
0.00
|
Indo-Germa Products Ltd का 52-सप्ताह का सबसे ऊंचा और निचला स्तर 20-अप्रैल-2026 तक ₹-- और ₹-- है।
Indo-Germa Products Ltd का मार्किट कैपिटलाइज़ेशन, 13-जून-2001 तक ₹ 1 करोड़ है, SEBI क्लासिफ़िकेशन के अनुसार ये एक कंपनी है.
Indo-Germa Products Ltd में निवेश करने से पहले, अपने लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता के साथ-साथ इस बात पर ग़ौर करें कि क्या कंपनी आपकी लंबे समय की योजना के हिसाब से सही है. इसका बिज़नस मॉडल, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन की सावधानी से जांच करें. टिप्स या शॉर्ट टर्म के रुझानों के आधार पर फ़ैसले लेने से बचें.