मार्केेट कैप
₹788 करोड़
रेवेन्यू (पिछले 12 महीनों में)
₹309 करोड़
पी/ई रेशियो
21.3
पी/बी रेशियो
3.7
डिव. यील्ड
0 %
Tata Finance शेयर प्राइस
तुलनास्टॉक रेंज
आज का रेंज
52 सप्ताह रेंज
लिक्विडिटी
फ़ंडामेंटल्स
-
नेट प्रॉफ़िट (TTM)
₹9 करोड़
-
रेिटर्न ऑन इक्विटी
0 %
-
ROCE
9.5 %
-
इंडस्ट्री P/E
--
-
EV/EBITDA
10.8
-
डेट टू इक्विटी
3.8
-
Book Value
₹9.6
-
EPS
₹1
-
फ़ेस वैल्यू
10
-
बक़ाया शेयर
199,806,246
साल का कुल जोड़
CFO
--
ईबीआईटीडीए
--
नेट प्रॉफ़िट
--
परफ़ॉर्मेंस
|
कंपनी
|
इयर-टू-डेट
|
1 महीना
|
3 महीने
|
1 साल
|
3 साल
|
5 साल
|
10 साल
|
|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
BSE Sensex
| -10.8 | -1.7 | -8.5 | -6.9 | 6.8 | 9.2 | 11.5 |
|
BSE Finance
| -8.3 | -1.5 | -8.7 | -1.7 | 9.5 | 10.6 | 12.5 |
फ़ाइनैंशियल्स
विवरण देखेंकुछ अहम रेशियो
विवरण देखें
5Y Avg -- 3Y Avg -- TTM --
पी/ई रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
पी/बी रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
अर्निंग्स यील्ड (%)
--
Earnings Yield (%) = EBIT / Enterprise value
PEG Ratio
--
Price = Price / Earnings to growth ratio
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
विवरण देखेंसमाचार और विश्लेषण
सारी ख़बरेंकोई रिव्यू और अनालेसिस मौजूद नहीं है
About Tata Finance
--
-
निगमित
1984
-
चेयरमैन
इशात हुसैन
-
मैनेजिंग डायरेक्टर
--
-
ग्रुप
टाटा
-
हेडक्वार्टर्स
Mumbai, Maharashtra
-
वेबसाइट
सालाना रिपोर्ट
Tata Finance के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Tata Finance Ltd का मौजूदा PB और PE रेशियो क्या है?
04-अगस्त-2005 का P/E रेशियो Tata Finance Ltd..तक 21.30 गुना है.
हर साल के फ़ाइनैंशियल्सं PE & PB रेशियो
| वर्ष | पी/ई रेशियो | पी/बी रेशियो |
|---|---|---|
|
2004
|
35.22
|
3.58
|
|
2003
|
--
|
-0.45
|
|
2002
|
0.00
|
-1.02
|
|
2004
|
35.22
|
3.58
|
|
2003
|
--
|
-0.45
|
Tata Finance Ltd का 52 सप्ताह का सबसे ऊंचा और निचला स्तर क्या है?
Tata Finance Ltd का 52-सप्ताह का सबसे ऊंचा और निचला स्तर 14-मई-2026 तक ₹-- और ₹-- है।
Tata Finance Ltd का मार्केट कैप क्या है?
Tata Finance Ltd का मार्किट कैपिटलाइज़ेशन, 04-अगस्त-2005 तक ₹ 788 करोड़ है, SEBI क्लासिफ़िकेशन के अनुसार ये एक कंपनी है.
क्या मुझे Tata Finance Ltd में निवेश करना चाहिए?
Tata Finance Ltd में निवेश करने से पहले, अपने लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता के साथ-साथ इस बात पर ग़ौर करें कि क्या कंपनी आपकी लंबे समय की योजना के हिसाब से सही है. इसका बिज़नस मॉडल, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन की सावधानी से जांच करें. टिप्स या शॉर्ट टर्म के रुझानों के आधार पर फ़ैसले लेने से बचें.