हाल में देखा गया
सब क्लियर करेंआज का रेंज
52 सप्ताह रेंज
लिक्विडिटी
मार्केेट कैप
₹73 करोड़
रेवेन्यू (पिछले 12 महीनों में)
₹30 करोड़
नेट प्रॉफ़िट (TTM)
₹0 करोड़
रेिटर्न ऑन इक्विटी
0 %
ROCE
0.7 %
पी/ई रेशियो
--
पी/बी रेशियो
0.9
इंडस्ट्री P/E
25.33
EV/EBITDA
132.2
डिव. यील्ड
0 %
डेट टू इक्विटी
0
Book Value
₹--
EPS
₹0
फ़ेस वैल्यू
10
बक़ाया शेयर
19,501,500
CFO
51.05 करोड़
ईबीआईटीडीए
24.44 करोड़
नेट प्रॉफ़िट
21.12 करोड़
|
कंपनी
|
इयर-टू-डेट
|
1 महीना
|
3 महीने
|
1 साल
|
3 साल
|
5 साल
|
10 साल
|
|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
BSE Sensex
| -13.4 | -9.8 | -13.9 | -3.6 | 7.5 | 7.9 | 11.2 |
|
BSE Consumer Durables
| -9.9 | -9.9 | -11.1 | 0.6 | 12.3 | 10.2 | 16.5 |
क्या कंपनी में सॉल्वेंसी का कोई ख़तरा है?
क्या अकाउंटिंग की किसी गड़बड़ी का अंदेशा है?
कंपनी का पिछले एक साल का प्रदर्शन कैसा रहा?
5Y Avg -- 3Y Avg -- TTM --
पी/ई रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
पी/बी रेशियो
--
--निम्नतम --मीडियन --अधिकतम
अर्निंग्स यील्ड (%)
--
Earnings Yield (%) = EBIT / Enterprise value
PEG Ratio
--
Price = Price / Earnings to growth ratio
कोई रिव्यू और अनालेसिस मौजूद नहीं है
कपड़े, सूत, घरेलू लिनन, कपड़ों के आर्टिकल, फर्श के कवरिंग और टेपेस्ट्री, खेल के कपड़े की थोक बिक्री
निगमित
1984
चेयरमैन
--
मैनेजिंग डायरेक्टर
सुरेश कुमार गरोदिया
ग्रुप
राघव
हेडक्वार्टर्स
Kolkata, West Bengal
वेबसाइट
सालाना रिपोर्ट
क्योंकि, Raghav Industries Ltd की TTM अर्निंग नेगेटिव है, इसलिए P/E रेशियो मौजूद नहीं है.
Raghav Industries Ltd का P/B रेशियो 07-दिसंबर-2011 तक 0.86 है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के 1.56 के औसत से 45% प्रीमियम/डिस्काउंट पर है.
हर साल के फ़ाइनैंशियल्सं PE & PB रेशियो
| वर्ष | पी/ई रेशियो | पी/बी रेशियो |
|---|---|---|
|
2010
|
6,511.81
|
0.88
|
|
2009
|
9,717.70
|
0.67
|
|
2008
|
1,527.58
|
1.60
|
|
2007
|
9.23
|
0.70
|
|
2006
|
9.81
|
1.00
|
Raghav Industries Ltd का 52-सप्ताह का सबसे ऊंचा और निचला स्तर 04-अप्रैल-2026 तक ₹-- और ₹-- है।
Raghav Industries Ltd का मार्किट कैपिटलाइज़ेशन, 07-दिसंबर-2011 तक ₹ 73 करोड़ है, SEBI क्लासिफ़िकेशन के अनुसार ये एक कंपनी है.
Raghav Industries Ltd में निवेश करने से पहले, अपने लक्ष्यों, जोखिम लेने की क्षमता के साथ-साथ इस बात पर ग़ौर करें कि क्या कंपनी आपकी लंबे समय की योजना के हिसाब से सही है. इसका बिज़नस मॉडल, वित्तीय स्थिति और वैल्यूएशन की सावधानी से जांच करें. टिप्स या शॉर्ट टर्म के रुझानों के आधार पर फ़ैसले लेने से बचें.