
जब इक्विटी बाज़ार में उथल-पुथल होती है, जैसी अभी हो रही है, तो डेट फ़ंड्स की स्थिरता बेहद अहम हो जाती है. आम निवेशकों के पोर्टफ़ोलियो में डेट (debt) वाले हिस्से में पूंजी की सुरक्षा और ज़्यादा रिटर्न (FD से कुछ ज़्यादा) पाने पर ज़ोर देना चाहिए. इसके अलावा अलग क़िस्म के बांड्स में निवेश करने का लचीलापन भी अच्छा होता है. यहां ये भी ध्यान रखना चाहिए कि लंबे समय की मैच्योरिटी वाले बांड्स पोर्टफ़ोलियो में कम ही होने चाहिए. इन सभी बातों को ध्यान में रखेंगे तो पाएंगे कि शॉर्ट-ड्यूरेशन फ़ंड इन सभी पैमानों पर खरे उतरते हैं. ये फ़ंड ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के बीच भी अच्छी तरह काम करते हैं. तो, अगर आप एक फ़िक्स्ड-इनकम चाहने वाले निवेशक हैं, और आपको चीज़ें सरल रखनी हैं, तो ये फ़ंड आपके लिए बढ़िया रहेंगे. कैटेगरी पर एक नज़र फ़ंड की संख्या 26 एसेट्स (लाख करोड़ ₹ में) 1.13 एवरेज एक्सपेंस रेशियो 0.36% 2024 के लिए कैटेगरी रिटर्न्स 7.34% हाई क्वालिटी वाले बॉन्ड्स का एवरेज एक्सपोज़र 92% मीडियम क्वालिटी वाले बॉन्ड्स का एवरेज एक्सपोज़र 2% एवरेज मैच्योरिटी (सालों में) 3.62 पिछले 5 सालों में एवरेज सबसे खराब 1 साल का रिटर्न 3% नोट: रिटर्न 13 नवंबर, 2024 तक के हैं; बाकी आंकड़े 30 सितंबर, 2024 तक के हैं. हाईलाइट और ट्रेंड परफ़ॉर्मेंस: ये फ़ंड एक साल में क़रीब 8 प्रतिशत रिटर्न देते हैं, जिससे ये फ़िक्स्ड-इनकम चाहने वाले निवेशकों के लिए आकर्षक बने हुए हैं. हालांकि, ध्यान रखें कि आने वाले समय में इनके रिटर्न के ज़्यादा बढ़ने की संभावना नहीं है. लॉन्ग-ड्यूरेशन बॉन्ड: क्योंकि आने वाले समय में ब्याज दरें घट सकती है, इसलिए इस साल शॉर्ट-ड्यूरेशन फ़ंड्स ने लॉन्ग-ड्यूरेशन बांड्स में ज़्यादा निवेश किया है. कारण ये है कि अगर ब्याज दरें घटती हैं, तो ये लॉन्ग-ड्यूरेशन बांड्स, इन फ़ंड के रिटर्न को कुछ बढ़ा सकते हैं, जिससे NAV (नेट एसेट वैल्यू) में हल्का उछाल आ सकता है. तो, आप कुछ हद तक मूल्यवृद्धि देख सकते हैं, लेकिन ये ज़्यादा नहीं होगी. हमारे चुनिंदा फंड हमारी best buy की सिफ़ारिशों में एक्सिस शॉर्ट टर्म फ़ंड , बंधन बॉन्ड फ़ंड शॉर्ट टर्म प्लान , HDFC शॉर्ट टर्म डेट फ़ंड और HSBC शॉर्ट ड्यूरेशन फ़ंड शामिल हैं. हम ये फंड आपके लिए ख़ासतौर पर इसलिए चुनते हैं क्योंकि इनमें अच्छा रिटर्न देने की संभावना है. सावधानी से चुने गए फंड: HSBC और Bandhan फ़ंड बहुत ही सुरक्षित तरीक़े से मैनेज किए जाते हैं. ये फ़ंड इसलिए ख़ास हैं क्योंकि ये कम रेटिंग वाले बांड्स से दूर रहते हैं, जिससे ये उन निवेशकों के लिए अच्छे हैं जो 2-3 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं और रिस्क कम लेना चाहते हैं. रिस्क और रिटर्न का बैलेंस: HDFC और Axis फ़ंड रिस्क और रिटर्न का अच्छा संतुलन रखते हैं, क्योंकि ये सोच-समझकर रिस्क लेते हैं. ड्यूरेशन (अवधि) और डेट (क़र्ज़) पर इनके चुने हुए दांव को देखते हुए, ये आपके लॉन्ग-टर्म पोर्टफ़ोलियो में फ़िक्स्ड इनकम के लिए सही हैं. यानी, ये फ़ंड्स उन निवेशकों के लिए अच्छे हैं जो थोड़ा रिस्क लेकर अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं. हमारी रेकमंडेशन में बदलाव फ़ंड जिसके लिए सलाह बदलकर 'sell' की गईः आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ रिटायरमेंट फ़ंड- द 50 प्लस-डेट प्लान किस फ़ंड का रिटर्न है बेहतर? नाम 1 साल का रिटर्न (%) हाई क्वालिटी एक्सपोज़र (%) मीडियम क्वालिटी एक्सपोज़र (%) एवरेज मैच्योरिटी (वर्षों में) यील्ड टू मैच्योरिटी* एक्सपेंश रेशियो (%) एसेट्स (करोड़ ₹) ICICI प्रू शॉर्ट टर्म फ़ंड - डायरेक्ट प्लान
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