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पैसा बढ़ाने का सबसे बढ़िया तरीक़ा बाज़ार के बारे में अंदाज़ा लगाने, शेयर चुनने या नए-नए ट्रेंड्स के पीछे भागने से बिल्कुल अलग है. इसके लिए चाहिए बस नियमित निवेश, साफ़-सुथरी प्लानिंग और थोड़ा कंट्रोल.
सोच-समझकर बनाया गया, कम लागत वाला पोर्टफ़ोलियो आपको बाज़ार के उतार-चढ़ाव में टिकने और धीरे-धीरे पैसा बढ़ाने में मदद करता है. इसे हासिल करने का सबसे आसान तरीक़ा है लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों के म्यूचुअल फ़ंड्स में संतुलित एलोकेशन करना, जिसमें इंडेक्स फ़ंड्स का बड़ा हिस्सा शामिल हो.
यहां एक बिल्कुल आसान और असरदार एलोकेशन है:
- 70% लार्ज-कैप इंडेक्स फ़ंड्स में, ताकि स्थिरता और भरोसा बना रहे,
- 20% मिड-कैप फ़ंड्स में, ताकि बढ़त मिले, और
- 10% स्मॉल-कैप में, ताकि ज़्यादा मुनाफे़ की उम्मीद रहे.
ये सुनने में बहुत आसान लग सकता है, लेकिन यही तो बात है! कम ख़र्च वाली, नियम से चलने वाली स्ट्रैटेजी आपको शेयर चुनने या फ़ंड मैनेजरों के पीछे पड़ने के झंझट के बिना लंबे समय में ढेर सारा पैसा बना सकती है.
लार्ज-कैप के लिए इंडेक्स फ़ंड्स क्यों चुनें?
लार्ज-कैप स्पेस में रिलायंस, इंफ़ोसिस, HDFC बैंक जैसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों का दबदबा है. इन शेयरों पर सबकी नज़र रहती है और इन्हें अच्छी तरह से समझा जाता है. इसीलिए एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड के फ़ंड मैनेजरों के लिए उन इंडेक्स फ़ंड्स को बार-बार मात देना मुश्किल होता है, जो बस लार्ज-कैप इंडेक्स को फ़ॉलो करते हैं.
आंकड़े भी यही कहते हैं. पिछले 10 साल के डेली रोलिंग रिटर्न देखें तो:
- सिर्फ़ 41% एक्टिवली मैनेज किए जाने वाले लार्ज-कैप फ़ंड्स ने पांच साल में अपने बेंचमार्क (निफ़्टी 100 TRI) को पीछे छोड़ा है.
- सात साल की बात करें, तो ये आंकड़ा और गिरकर सिर्फ़ 25% ही रह जाता है.
सीधा-सादा मतलब, पैसिव तरीक़े से मैनेज होने वाले इंडेक्स फ़ंड लार्ज-कैप से ज़्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हैं.
इंडेक्स फ़ंड न सिर्फ़ बेहतर प्रदर्शन करते हैं, बल्कि ये एक्सपेंस रेशियो के रूप में कम कमीशन लेते हैं. यानी, आप लंबे समय में ज़्यादा कमाते हैं.
मिड-कैप और स्मॉल-कैप के लिए एक्टिव फ़ंड्स क्यों?
जबकि इंडेक्स फ़ंड आमतौर पर लार्ज-कैप जगत में एक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वाले फ़ंड्स से बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में स्थिति अलग है, बशर्ते आप इन्हें थोड़ा वक्त दें.
सात साल के रिटर्न देखें तो:
- 65% मिड-कैप फ़ंड्स ने अपने बेंचमार्क (निफ़्टी मिडकैप 150 TRI) को पीछे छोड़ा.
- 86% स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने निफ़्टी स्मॉलकैप 250 TRI को मात दी.
सात साल का वक्त क्यों? क्योंकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप में निवेश के लिए कम से कम सात साल तो ज़रूर चाहिए. ये सेगमेंट शॉर्ट-टर्म में बहुत ऊपर-नीचे हो सकते हैं. जो धैर्य रखते हैं, वही इनसे लंबे समय में फ़ायदा उठा पाते हैं.
मिड-कैप और स्मॉल-कैप को अपने पोर्टफ़ोलियो का तड़का समझें - थोड़ा सा, और सिर्फ़ तभी जब आप थोड़ा रिस्क लेने को तैयार हों.

क्या लार्ज/मिड/स्मॉल-कैप फ़ंड में 70/20/10 की स्ट्रैटेजी काम करती है?
अगर आपने पिछले 10 साल तक इस 70-20-10 एलोकेशन को फ़ॉलो किया और हर महीने ₹10,000 लगाए, तो आपका पोर्टफ़ोलियो अब क़रीब ₹26.1 लाख का होता. यानी, 14.8% सालाना रिटर्न - एक ऐसी स्ट्रैटेजी के लिए ज़बरदस्त नतीजा, जिसमें ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत ही नहीं.
यहां देखें हर हिस्सा कैसे बढ़ा:
- ₹7,000 हर महीने (₹10,000 के SIP का 70%) लार्ज-कैप इंडेक्स फ़ंड्स में बढ़कर ₹17.7 लाख हो गया.
- ₹2,000 मिड-कैप एक्टिव फ़ंड्स में ₹5.6 लाख बन गए.
- ₹1,000 स्मॉल-कैप फ़ंड्स में ₹2.8 लाख तक पहुंच गए.
कोई अनुमान नहीं. कोई फ़ंड मैनेजर नहीं. बस अनुशासन और समय.

आख़िरी बात
पैसा बढ़ाने के लिए आपको कोई मुश्क़िल प्लान की ज़रूरत नहीं. जितना आसान और साफ़-सुथरा प्लान होगा, उतना ही आप बाज़ार के उतार-चढ़ाव में दौरान भी टिके रहेंगे.
कम लागत वाले लार्ज-कैप इंडेक्स फ़ंड्स से पोर्टफ़ोलियो बनाकर और इसे मिड और स्मॉल-कैप के कुछ चुनिंदा फ़ंड्स के साथ जोड़कर, आप एक ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाते हैं जो सस्ता, डाइवर्सिफ़ाइड और लंबे समय की बढ़त के लिए तैयार हो.
इसके लिए बस धैर्य की ज़रूरत है - और बाज़ार को अपना काम करने देने के लिए पर्याप्त समय की ज़रूरत है.
जैसा कि इंडेक्स निवेश के जनक जैक बोगल ने कहा था: "घास के ढेर में सुई ढूंढने की कोशिश मत करो, पूरा ढेर ख़रीद लो.”
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फ़ंड की इनवेस्टर एजुकेशन और जागरूकता की पहल
म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों के लिए ज़रूरी जानकारी: सभी म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों को एक बार KYC (नो योर कस्टमर) प्रोसेस पूरा करना होता है. निवेशकों को सिर्फ़ SEBI की वेबसाइट पर 'इंटरमीडियरीज़/मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन' के तहत रजिस्टर्ड म्यूचुअल फ़ंड्स के साथ डील करना चाहिए. अपनी शिकायतों के निवारण के लिए, कृपया www.scores.gov.in पर जाएं. KYC, डिटेल में बदलाव और शिकायतों के निवारण के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, mf.nipponindiaim.com/InvestorEducation/what-to-know-when-investing पर विज़िट करें.
म्यूचुअल फ़ंड निवेश मार्केट जोख़िमों के अधीन हैं, कृपया सभी स्कीम से जुड़े दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें.
ये भी पढ़ें: सही इंडेक्स फ़ंड कैसे चुनें
ये लेख पहली बार मई 30, 2025 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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