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7 मई 2025 को दलाल स्ट्रीट ने अनिश्चितता की लहर के साथ कारोबार की शुरुआत की, जब ये खबर आई कि भारत ने “ Operation Sindoor” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी शिविरों पर लक्षित सैन्य कार्रवाई की है. ये कार्रवाई पहलगाम हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी.
बाज़ार की शुरुआती प्रतिक्रिया घबराहट भरी रही, और प्री-मार्केट में सेंसेक्स लगभग 700 अंक गिर गया. हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बाज़ार स्थिर हुआ, जिससे ये संकेत मिला कि निवेशकों को भारत की संतुलित प्रतिक्रिया और मजबूत आर्थिक बुनियाद पर भरोसा है.
ऑपरेशन सिंदूर और बाज़ार की प्रतिक्रिया
7 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूह निशाने पर थे. इस ऑपरेशन की खासियत ये रही कि इसमें किसी भी नागरिक या पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को टारगेट नहीं किया गया, जिससे इसे "गैर-उत्तेजक" माना गया.
शेयर बाज़ार की शुरुआती प्रतिक्रिया नकारात्मक रही, SGX Nifty में 1.2 फीसदी की गिरावट दिखाई दी. हालांकि, सुबह 9:30 बजे तक निफ्टी 50 ने रिकवरी की और 24,402.80 पर 23 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, जबकि सेंसेक्स 80,738.15 पर 97 अंकों की बढ़त के साथ पहुंचा.
क्यों बाज़ार स्थिर रहा
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लक्षित सैन्य कार्रवाई:
एक्सपर्ट ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सटीकता और संयम ने घबराहट को सीमित कर दिया. जियोजित फ़ाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि बाज़ार ने इस जवाबी कार्रवाई को पहले से “डिस्काउंट” कर लिया था.
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मजबूत विदेशी निवेश:
पिछले 14 ट्रेडिंग सेशंस में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाज़ार में ₹43,940 करोड़ का निवेश किया है, जिससे ये स्पष्ट होता है कि भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा कायम है.
- ऐतिहासिक अनुभव: 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक जैसे उदाहरण दिखाते हैं कि इस तरह की घटनाओं के बाद बाज़ार जल्दी रिकवर करता है, जिससे निवेशकों को ये लगता है कि ये अल्पकालिक असर है.
डिफे़ंस स्टॉक्स चमके
ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा के बाद डिफे़ंस सेक्टर के स्टॉक्स में जोरदार उछाल देखने को मिला.
| कंपनी का नाम | भाव में बदलाव (प्रतिशत) |
|---|---|
| मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स | 3.70% |
| हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स (HAL) | 1.80% |
| कोचीन शिपयार्ड | 2.00% |
| भारत डायनेमिक्स | 1.70% |
| पैरास डिफेंस | 3.00% |
ये उछाल दर्शाता है कि निवेशकों को डिफे़ंस खर्च बढ़ने और घरेलू रक्षा कंपनियों की रणनीतिक भूमिका में भविष्य दिख रहा है.
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए
हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के चलते बाज़ार की प्रतिक्रिया सीमित रही, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है. यदि स्थिति में कोई नया मोड़ आता है, तो बाज़ार की धारणा प्रभावित हो सकती है.
फिर भी, भारत के मज़बूत आर्थिक संकेतक और ऐतिहासिक रूप से बाज़ार की रिकवरी की प्रवृत्ति ये संकेत देती है कि किसी भी उतार-चढ़ाव का असर अल्पकालिक हो सकता है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखें और लॉन्ग-टर्म निवेश स्ट्रैटेजी बनाए रखें.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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