
फ्रैंकलिन इंडिया म्यूचुअल फ़ंड ने अपने फ्रैंकलिन इंडिया मल्टी एसेट सॉल्यूशन फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स के फ़ंडामेंटल एट्रीब्यूट्स में बदलाव की घोषणा की है.
- इस स्कीम का नाम ‘फ्रैंकलिन इंडिया मल्टी एसेट सॉल्यूशन फ़ंड ऑफ फ़ंड्स’ से बदलकर ‘फ्रैंकलिन इंडिया इनकम प्लस आर्बिट्राज एक्टिव फ़ंड ऑफ फ़ंड्स’ हो जाएगा.
- इनवेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव अब इनवेस्टर्स के लिए इनकम जनरेट करना है, वो भी डेट-ओरिएंटेड और आर्बिट्राज स्कीम के पोर्टफ़ोलियो में निवेश के जरिए.
- नए एसेट एलोकेशन के हिसाब से, फ़ंड अब 0-65% डेट-ओरिएंटेड म्यूचुअल फ़ंड्स की यूनिट में और 35-100% आर्बिट्राज स्कीम की यूनिट में निवेश करेगा. यानी, रिस्क और रिटर्न का एकदम बैलेंस्ड मिक्स!
- इस स्कीम को अब रोहन मारू, पल्लब रॉय और राहुल गोस्वामी मैनेज करेंगे.
- स्कीम का बेंचमार्क भी बदला गया है. पहले ये ‘40% निफ़्टी 500 TRI + 40% निफ़्टी शॉर्ट ड्यूरेशन डेट इंडेक्स + 20% डोमेस्टिक गोल्ड प्राइस’ था, जो अब ‘65% निफ़्टी शॉर्ट ड्यूरेशन डेट इंडेक्स + 35% निफ़्टी 50 आर्बिट्राज इंडेक्स’ हो गया है.
- रिस्क-ओ-मीटर भी ‘हाई’ से बदलकर अब ‘मॉडरेट’ हो गया है.
ये सारे बदलाव 4 जुलाई 2025 से लागू होंगे.
रेगुलेटरी नियमों के मुताबिक़, यूनिटहोल्डर्स को 4 जून, 2025 से 3 जुलाई, 2025 तक 30 दिन का एग्ज़िट विंडो दिया गया है. अगर आप इन बदलावों से कूल नहीं हो, तो इस पीरियड में बिना किसी एग्ज़िट लोड के अपने निवेश को स्विच या रिडीम कर सकते हो. जिन इनवेस्टर्स को इन बदलावों से कोई प्रॉब्लम नहीं है, उन्हें कुछ करने की ज़रूरत नहीं है.