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डेविड एलन ने अपनी बेस्टसेलिंग किताब "गेटिंग थिंग्स डन" में एक आसान-सा लेकिन क्रांतिकारी विचार दिया. उनके कई सुझावों में सबसे प्रभावशाली है दो मिनट का नियम ( two-minute rule): अगर कोई काम दो मिनट से कम समय में हो सकता है, तो उसे तुरंत कर लें, न कि अपनी टू-डू लिस्ट में जोड़ें. इसके पीछे का तर्क बहुत साफ़ है-काम को लिखने, याद रखने और बाद में करने में जितना समय लगता है, उससे कहीं कम समय में आप उसे तुरंत निपटा सकते हैं. व्यक्तिगत उत्पादकता के क्षेत्र से आया ये नियम आपके निवेश का बेहतर तरीक़े से प्रबंधन करने के लिए भी कुछ शानदार सबक़ देता है. जैसे एलन ने पाया कि छोटे-छोटे काम टालने से दिमाग पर गैर ज़रूरी बोझ पड़ता है, वैसे ही निवेश से जुड़े छोटे काम टालने से बड़ी वित्तीय समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. मान लीजिए, आपको डिविडेंड, मैच्योरिटी का पैसा या कोई अन्य एकमुश्त रक़म मिली, जो महीनों तक आपके सेविंग्स अकाउंट में पड़ी रहती है. इसे तुरंत लिक्विड फ़ंड या सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में डालने का दो मिनट का काम महंगाई के कारण आपके पैसे की ख़रीदारी की क्षमता को घटने से बचा सकता है. लेकिन ज़्यादातर निवेशक इसे "बाद में" करने वाला काम मानते हैं और टालते रहते हैं, जिससे उनका पैसा धीरे-धीरे वैल्यू खोता रहता है. इसी तरह, अपने नॉमिनेशन डिटेल्स अपडेट करना कुछ मिनट का
ये लेख पहली बार जून 20, 2025 को पब्लिश हुआ.
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