Trending

ग्लोब सिविल प्रोजेक्ट्स IPO: ग्रे मार्केट में मिल रहा 20% प्रीमियम, जानिए क्या हैं संकेत?

मजबूत ऑर्डर बुक और अच्छे मार्जिन से IPO को लेकर दिख रहा जोश, लेकिन जोखिम भी बरकरार

मजबूत ऑर्डर बुक और अच्छे मार्जिन से IPO को लेकर दिख रहा जोश, लेकिन जोखिम भी बरकरारAdobe Stock

ग्लोब सिविल प्रोजेक्ट्स के इश्यू के साथ IPO का सीजन फिर से गरमाने लगा है. दिल्ली की इस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी का ₹119 करोड़ का पब्लिक इश्यू आज (24 जून, 2025) सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और ग्रे मार्केट में प्रति शेयर ₹14 का प्रीमियम दिख रहा है. यानी लिस्टिंग पर करीब 20 प्रतिशत का उछाल संभव है. लेकिन क्या ये सिर्फ़ IPO को लेकर जोश है या इस स्टॉक में वाकई दम है? आइए इसे समझते हैं.

क्या हो रहा है

IPO 24 जून से 26 जून 2025 तक खुला रहेगा, जिसका प्राइस बैंड ₹67-71 प्रति शेयर है. अपर एंड पर कंपनी ₹119 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है. आखिर इस उत्साह की वजह क्या है? ग्रे मार्केट डीलर ₹14 के प्रीमियम की बात कर रहे हैं यानी लिस्टिंग ₹84 से ऊपर हो सकती है.

कंपनी के बारे में

ग्लोब सिविल प्रोजेक्ट्स 22 साल पुरानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है, जो हाईवे, फ्लाईओवर, ब्रिज और सीवरेज सिस्टम जैसे सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है. 55 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पूरे करने और ₹669 करोड़ की ऑर्डर बुक के साथ, ये भारत के शहरी विकास की लहर पर सवार होने की कोशिश कर रही है.

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब

रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए करीब ₹15,000 की ज़रूरत होगी. इस पर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है-कुछ का मानना है कि भारत सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर जोर को देखते हुए मध्यम अवधि में इसमें संभावनाएं हैं, वहीं, कुछ क़र्ज़ और छोटे साइज़ से जुड़े जोखिमों की ओर इशारा कर रहे हैं.

अगर आप शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दांव लगाना चाहते हैं और स्मॉल-कैप की अस्थिरता से परेशान नहीं हैं, तो ग्लोब सिविल पर ग़ौर कर सकते हैं. ऐसा नहीं है तो सतर्क रहें.

वैल्थ को लेकर गंभीर हैं?

समझदार निवेशकों के साथ जुड़ें, जो विशेषज्ञों द्वारा चुने गए शेयरों, समय की कसौटी पर खरी रणनीतियों और लंबे समय केअनुशासन के लिए वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र पर भरोसा करते हैं.

अंदाज़ा लगाना बंद करें. बढ़ना शुरू करें. अभी देखें: वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र.

डिस्क्लेमर: ये कोई स्टॉक रेकमंडेशन नहीं है. ये स्टोरी आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से बनाई गई है और केवल सूचना के उद्देश्य से है. निवेश के फैसले लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें या किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

एक इंटरनेशनल फ़ंड एकमुश्त रक़म, चार SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

Reliance Infrastructure सहित 5 शेयरों की FCF यील्ड 30% से ज़्यादा, फिर भी शेयर सस्ते क्यों?

पढ़ने का समय 5 मिनट•सत्यजीत सेन

10 PSU बैंक सस्ते दिख रहे हैं, पर बाज़ार का सवाल भी जायज़ है

पढ़ने का समय 6 मिनट•Lakshya Naredi

NPS Swasthya: हेल्थ कवर के लिए जुड़िए, कॉर्पस बनाने के लिए नहीं

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

11 शेयर काग़ज़ पर बेहतर दिखते हैं, फिर भी सस्ते मिल रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•अर्पित सूरी

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी