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यहां जानिए: क्या होगा जब जियो की डिज़िटल ताक़त और ब्लैकरॉक की निवेश की समझ से मिलेगी? कम लागत वाले म्यूचुअल फ़ंड में क्रांति बस आने ही वाली है - और ये सिर्फ़ ₹500 से शुरू हो सकती है.
जियो ब्लैकरॉक ऐसेट मैनेजमेंट, जो रिलायंस की जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ और दुनिया की बड़ी निवेश कंपनी ब्लैकरॉक का ज्वाइंट वेंचर है, ने इस साल आठ म्यूचुअल फ़ंड स्कीमों को लॉन्च करने के लिए सेबी (SEBI) में आवेदन किया है.
इन स्कीम में इक्विटी और डेट दोनों तरह के फ़ंड्स शामिल होंगे.
कम लागत वाले फ़ंड्स
इस लॉन्च को ख़ास बनाने वाली बात इसकी कम क़ीमत है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ़ंड हाउस ₹500 जैसे छोटे निवेश को स्वीकार करने की योजना बना रहा है - जिससे नए और छोटे निवेशकों के लिए म्यूचुअल फ़ंड्स में निवेश आसान हो जाएगा.
साथ ही, जियो ब्लैकरॉक डायरेक्ट-ओनली मॉडल अपनाने की उम्मीद है, जिससे बिचौलियों की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और लागत बाज़ार के औसत से कम रहेगी.
हालांकि सटीक आंकड़े अभी नहीं आए हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि जियो ब्लैकरॉक के फ़ंड्स का कुल ख़र्च रेशियो (TER) मौजूदा बाज़ार से कम होगा. आसान शब्दों में, इन फ़ंड्स में निवेशकों से बहुत कम फ़ीस ली जाएगी. उदाहरण के लिए, एक्सपेंस रेशियो में थोड़ी सी कमी भी पूरे सेक्टर में फ़ीस कम करने का दबाव बना सकती है - ख़ासकर अगर फ़ंड हाउस मज़बूत प्रदर्शन करता है.
फ़ंड हाउस रिलायंस के डिज़िटल सिस्टम पर बहुत निर्भर करेगा. 475 मिलियन से ज़्यादा जियो मोबाइल यूज़र्स और मायजियो (MyJio) और जियो फ़ाइनेंस जैसे ऐप्स के 8 मिलियन फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ यूज़र्स के साथ, ये AMC भारत के मोबाइल-फ़र्स्ट निवेशकों तक आसानी से पहुंच बनाएगा.
Jio Blackrock के 3 फ़ंड्स ने ₹17,000 करोड़ से ज़्यादा जुटाए
ये डिज़िटल-फ़र्स्ट स्ट्रैटिजी पहले से ही काम कर रही है. जियो ब्लैकरॉक ने अपनी पहली फ़ंड पेशकश में तीन डेट स्कीमों के ज़रिए 2.1 बिलियन डॉलर (₹17,000 करोड़) से ज़्यादा जुटाए हैं. ख़ास बात ये है कि इसमें 90 बड़े निवेशकों के साथ-साथ 67,000 से ज़्यादा आम निवेशक भी शामिल हुए.
तकनीक़ के मामले में, AMC ब्लैकरॉक के अलादीन (Aladdin) प्लैटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करेगी - ये एक ख़ास रिस्क और पोर्टफ़ोलियो ऐनलेटिक्स सिस्टम है, जिसे दुनिया भर के बड़े निवेशक इस्तेमाल करते हैं. अगर इसे सही से लागू किया गया, तो ये भारतीय आम निवेशकों के लिए पहली बार वैश्विक स्तर के टूल और जानकारियां ला सकता है.
निवेशकों के लिए निष्कर्ष
बात साफ़ है: सस्ते, अच्छे फ़ंड्स, जो डिज़िटल तरीक़े से उपलब्ध हों और दुनिया के बड़े ऐसेट मैनेजर और भारत के सबसे बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क द्वारा समर्थित हों. हालांकि प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, ये क़दम भारतीय म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में निवेशक अनुभव और वैल्यू के लिए एक नए स्तर को स्थापित कर सकता है.
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