फंड वायर

4 इंटरनेशनल फ़ंड फिर खुले, ये रही पूरी लिस्ट

हम हर हफ़्ते इंटरनेशनल फ़ंड और ETF पर नज़र रखते हैं. पिछले हफ़्ते (21-25 सितंबर, 2026) छह फ़ंड फिर से खुले, जिनमें से तीन एक दिन के अंदर ही बंद हो गए और अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश करने वाले ETF ने अपनी आधी कीमत गंवा दी

हम हर हफ़्ते इंटरनेशनल फ़ंड और ETF पर नज़र रखते हैं. पिछले हफ़्ते (21-25 सितंबर, 2026) छह फ़ंड फिर से खुले, जिनमें से तीन एक दिन के अंदर ही बंद हो गए और अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश करने वाले ETF ने अपनी आधी कीमत गंवा दीAnand Kumar/AI-Generated Image

सारांशः कई हफ़्तों से भारत के 60 इंटरनेशनल फ़ंड में से सिर्फ़ एक ही आपका एकमुश्त (लंपसम) निवेश ले रहा था. इस हफ़्ते ये गिनती बढ़कर छह हो गई है, हालांकि इनमें से तीन उसी दिन बंद भी हो गए. अब चार ही बचे हैं. अमेरिकी स्टॉक्स की जगह लेने वाला ETF तीन दिनों में आधा हो गया, जबकि इसके शेयरों की क़ीमत बढ़ी; फिर भी इसकी क़ीमत इसकी असल वैल्यू से 68 प्रतिशत ज़्यादा है. 

23 सितंबर तक, अगर आप किसी इंटरनेशनल फ़ंड में एकमुश्त रकम लगाना चाहते थे, तो आपके पास सिर्फ़ एक ही ऑप्शन था. जी हां, 60 में से सिर्फ़ एक.

वो था Baroda BNP Paribas Aqua, जो ग्लोबल वॉटर थीम वाला फ़ंड है. अब तस्वीर बदल रही है. Aditya Birla Sun Life ने 24 सितंबर को तीन फ़ंड फिर से खोले, लेकिन उसी दिन दिन के आखिर में उन्हें फिर से बंद कर दिया. इन्वेस्को 28 सितंबर को तीन और फ़ंड फिर से खोल रहा है. इस तरह कुल चार फ़ंड हो गए.

इन इंटरनेशनल फ़ंड में फिर शुरू हुआ एकमुश्त निवेश और नई SIP

फ़ंड / किसमें निवेश करता है कब से खुला हर PAN पर रोज़ाना की सीमा 1 साल 3 साल 5 साल
Baroda BNP Paribas Aqua FoF / ग्लोबल वॉटर थीम 1 सितंबर कोई सीमा नहीं बताई गई 9.9 15.5 8.2
Invesco India Global Equity Income FoF / डिविडेंड देने वाली ग्लोबल कंपनियां 28 सितंबर ₹10 लाख 18.4 23.2 17.4
Invesco India Pan European Equity FoF / यूरोप की बड़ी कंपनियां 28 सितंबर ₹10 लाख 30.9 21.3 15.6
Invesco India Global Consumer Trends FoF / दुनिया भर की कंज़्यूमर कंपनियां 28 सितंबर ₹10 लाख -4.8 25.2 5.3
लेकिन इनमें से कोई भी अमेरिका पर फ़ोकस करने वाला फ़ंड नहीं है. तो आख़िर ये फ़ंड बार-बार बंद क्यों होते हैं? और अगर आप दूसरा रास्ता, यानी ETF आज़माएं, तो क्या होता है? आइए समझते हैं.

सिनेमा की टिकट खिड़की

म्यूचुअल फ़ंड को सिनेमा हॉल की टिकट खिड़की समझिए. ये तय क़ीमत पर टिकट (यूनिट) बेचती है. ये तय क़ीमत ही NAV है, यानी फ़ंड के अंदर मौजूद शेयरों की प्रति यूनिट वैल्यू.

आम तौर पर यहां टिकट कभी ख़त्म नहीं होतीं. लेकिन भारतीय फ़ंड विदेश में कुल मिलाकर सिर्फ़ 7 अरब डॉलर ही निवेश कर सकते हैं और हर फ़ंड हाउस को इसमें से एक हिस्सा मिलता है. जैसे ही उसका हिस्सा भर जाता है, टिकट खिड़की बंद हो जाती है. ये तभी दोबारा खुलती है जब निवेशक अपना पैसा निकालते हैं और कुछ ही दिनों में फिर बंद हो सकती है. शायद इसीलिए ABSL ने हर PAN पर रोज़ाना ख़रीदारी की लिमिट ₹1 करोड़ और Invesco ने ₹10 लाख रखी है.

बाहर वाला रीसेल काउंटर

ETF का तरीक़ा अलग है. इसे आप स्टॉक एक्सचेंज पर किसी दूसरे निवेशक से ख़रीदते हैं. इसे सिनेमा हॉल के बाहर लगे रीसेल काउंटर की तरह समझिए.

आम तौर पर मार्केट मेकर कहलाने वाले ट्रेडर इसकी क़ीमत को NAV के आसपास बनाए रखते हैं. जब क़ीमत चढ़ती है, तो वो फ़ंड हाउस से नई यूनिट्स ख़रीदकर एक्सचेंज पर बेच देते हैं. इंटरनेशनल ETF के लिए ये रास्ता अप्रैल 2024 से बंद है. सप्लाई सीमित होने की वजह से क़ीमत NAV से ऊपर चली जाती है. यही अंतर प्रीमियम है, यानी शेयरों की असली वैल्यू के ऊपर आप जो अतिरिक्त पैसा चुकाते हैं.

जब खिसक गई लक्ष्मण रेखा

प्राइस बैंड, यानी क़ीमत में रोज़ाना उतार-चढ़ाव की एक सीमा, प्रीमियम को क़ाबू में रखता था. ये दो दिन पहले के NAV से 20 प्रतिशत ऊपर-नीचे तय होता था, इसलिए क़ीमत असली वैल्यू से बहुत दूर नहीं जा पाती थी.

7 सितंबर से SEBI ने ये बैंड पिछले दिन की क़ीमत के आधार पर तय करना शुरू कर दिया.

सुनने में ये छोटी-सी बात लगती है. पर ऐसा था नहीं. अगर हर दिन की सीमा पिछले दिन की क़ीमत से तय हो, तो प्रीमियम दिन-ब-दिन कंपाउंड होता जा सकता है. 4 से 18 सितंबर के बीच Motilal Oswal Nasdaq Q50 ETF का प्रीमियम 19.5 प्रतिशत से उछलकर 235 प्रतिशत पर पहुंच गया.

और फिर पलट गई बाज़ी

लेकिन जो बैंड क़ीमतों को तेज़ी से चढ़ने देता है, वही उन्हें तेज़ी से गिरने भी देता है.

21 सितंबर को Q50 पहले ₹471.99 तक चढ़ा, जो उसकी ऊपरी सीमा के क़रीब था. दोपहर 1:08 बजे तक ये ₹317.04 की निचली सीमा पर आ गया. इसके बाद ये लगातार तीन दिन पूरे 20 प्रतिशत गिरा और 18 सितंबर के ₹396.30 से फिसलकर ₹202.92 पर आ गया.

अब ग़ौर करने वाली बात ये है कि फ़ंड के अंदर कुछ नहीं बदला. उन दिनों में इसके शेयर 2 प्रतिशत चढ़े. जो बदला, वो थी ट्रेडिंग. 21 सितंबर को ₹159 करोड़ की यूनिट्स की ख़रीद-बिक्री हुई, जबकि आम दिनों में ये क़रीब ₹1.4 करोड़ होती है.

आधी क़ीमत का मतलब सस्ता नहीं

₹202.92 पर भी Q50 अपने ₹120.59 के NAV से 68 प्रतिशत ऊपर ट्रेड हो रहा है. यानी ₹100 के शेयरों के लिए आप ₹168 चुका रहे हैं.

नियम बदलने से पहले इसका औसत प्रीमियम क़रीब 15 प्रतिशत था. आज का प्रीमियम उसका चार गुना से भी ज़्यादा है. अगर ये प्रीमियम पूरी तरह ख़त्म हो जाए, तो शेयरों में कोई बदलाव न होने पर भी क़ीमत 40 प्रतिशत और गिर जाएगी.

ऊपरी स्तरों से नीचे, पर वैल्यू से अब भी काफ़ी ऊपर

ETF NAV (₹) क़ीमत (₹) प्रीमियम 18 सितंबर (%) प्रीमियम 23 सितंबर (%) औसत प्रीमियम (%) औसत रोज़ाना ट्रेडिंग (₹ करोड़)
Motilal Oswal Nasdaq Q50 120.59 202.92 235.5 68.3 14.8 1.4
Mirae Asset S&P 500 Top 50 68.53 97.56 83.4 42.4 19.5 1.5
Mirae Asset NYSE FANG+ 180.31 234.14 40.5 29.9 19.7 5.6
Mirae Asset Hang Seng TECH 18 21.86 20.3 21.5 19.7 2.4
Motilal Oswal NASDAQ 100 285.15 327.37 18.9 14.8 11 23.5
Nippon India Hang Seng BeES 451.53 461.52 2.8 2.2 14.4 8.1
NSE क्लोज़िंग प्राइस की तुलना उसी दिन के NAV से, 23 सितंबर 2026 तक. औसत: 10 सितंबर 2025 से 3 सितंबर 2026 तक.

तो अब क्या करें?

कोई भी ETF ख़रीदने से पहले उसकी क़ीमत को उसके NAV से ज़रूर मिलाएं. यही अंतर है जो आप अंदर मौजूद शेयरों की वैल्यू के ऊपर चुकाते हैं. अगर आपके पास कोई फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स है जो ETF में निवेश करता है, तो यही अंतर उसके NAV में भी छिपा हो सकता है.

SEBI की योजना है कि सिस्टम तैयार होने के बाद 1 अप्रैल 2027 से ये बैंड पिछले दिन के NAV के आधार पर तय हो. तब तक क़ीमत रोज़ 20 प्रतिशत ऊपर या नीचे जा सकती है. हालांकि, क़ीमत किस तरफ़ जाएगी, ये हम नहीं जानते.

हम इतना ज़रूर जानते हैं कि फ़ंड का खुला होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वो निवेश के लायक़ भी है. Value Research Fund Advisor आपको बताता है कि कौन-से फ़ंड आपके पोर्टफ़ोलियो में होने चाहिए और आपके गोल के हिसाब से बाक़ी प्लानिंग भी करता है.

फ़ंड एडवाइज़र को अभी सब्सक्राइब करें

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

दो स्टॉक्स 70% गिरे, फ़ंड्स ने एक को ख़रीदा और दूसरे से किनारा कर लिया

पढ़ने का समय 7 मिनट•अभिषेक राणा

11 शेयर काग़ज़ पर बेहतर दिखते हैं, फिर भी सस्ते मिल रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•अर्पित सूरी

इस कंपनी का कैश कन्वर्ज़न 367% है, पर यह आंकड़ा कुछ तो छिपा रहा है

पढ़ने का समय 7 मिनट•सत्यजीत सेन

पैसे की ज़रूरत है? तो समझदारी से बेचिए

पढ़ने का समय 3 मिनट•आशुतोष गुप्ता

रिटायरमेंट में सबसे बड़ा जोखिम है ख़ाली बैठना

पढ़ने का समय 2 मिनट•धीरेंद्र कुमार

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी