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सारांशः रीबैलेंसिंग का फ़ैसला बाज़ार की चाल देखकर नहीं होना चाहिए. यहां हम समझाएंगे कि साल में एक बार पोर्टफ़ोलियो रीबैलेंस करना आमतौर पर काफ़ी क्यों है, कुछ भी बेचने से पहले SIP के नए पैसे का इस्तेमाल कैसे करें और इंतज़ार करने से टैक्स और जल्दबाज़ी वाले सौदे, दोनों कम क्यों रहते हैं.
सारांशः रीबैलेंसिंग का फ़ैसला बाज़ार की चाल देखकर नहीं होना चाहिए. यहां हम समझाएंगे कि साल में एक बार पोर्टफ़ोलियो रीबैलेंस करना आमतौर पर काफ़ी क्यों है, कुछ भी बेचने से पहले SIP के नए पैसे का इस्तेमाल कैसे करें और इंतज़ार करने से टैक्स और जल्दबाज़ी वाले सौदे, दोनों कम क्यों रहते हैं. अगस्त के Fund Advisor Live में एक सब्सक्राइबर ने पूछा कि उन्हें इक्विटी और डेट के बीच कितनी बार रीबैलेंस करना चाहिए और ऐसा करने की वजह क्या होनी चाहिए. उनके सवाल के भीतर असल में बाज़ार को लेकर एक राय छिपी थी. वो जानना चाहते थे कि क्या बाज़ार का मौजूदा लेवल इक्विटी घटाने की वजह है. नहीं है. बाज़ार जो कुछ भी करे, वो रीबैलेंस करने की वजह नहीं है. जो भी वजह मायने रखती है, वो आपसे जुड़ी
ये लेख पहली बार सितंबर 28, 2026 को पब्लिश हुआ.
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