फ़र्स्ट पेज

एस.आई.पी में निवेश बढाना है जरूरी

लंबी अवधि तक एस.आई.पी. में निवेश ही नहीं सही रकम का निवेश भी है जरूरी

लंबी अवधि तक एस.आई.पी. में निवेश ही नहीं सही रकम का निवेश भी है जरूरी

अगर आपने पिछले 15 सालों के दौरान 10,000 रुपए मासिक एस.आई.पी के जरिए इक्विटी फंड में निवेश किया होता तो आप ने अब तक 57 लाख रुपए की रकम बना ली होती। बैंक एफ.डी और पी.पी.एफ.में निवेश करने वालों लिए यह बडी रकम हो सकती है लेकिन इक्विटी फंडों में लंबी अवधि में निवेश से होने वाले फायदे के लिहाज से यह रकम बहुत ज्‍यादा नहीं है।


पिछले 15 सालों के दौरान सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले इक्विटी फंड में निवेश करने वालों के लिए यह रकम 65 से 70 लाख रुपए होती। आजकल ऐसे निवेशकों की संख्‍या काफी अधिक है, जो पिछले काफी सालों से एस.आई.पी. में बिना बाधा के निवेश कर रहे हैं। हालांकि 15 सालों से लगातार एस.आई.पी. में काम करने वालों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा नहीं होगी। इसका कारण यह है कि एस.आई.पी में निवेश की संस्‍कृति 7-8 सालों में मजबूत हुई है। लंबी अवधि में एस.आई.पी. में निवेश के नतीजे अब तक शानदार रहे हैं।


लेकिन ज्‍यादातर निवेशक एस.आई.पी. में बहुत कम रकम निवेश कर रहे हैं। पिछले सप्‍ताह मेरी एक निवेशक से मुलाकात हुई। उस निवेशक की मासिक आय 5 अंकों में यानी 1 लाख है। लेकिन वह निवेशक इक्विटी फंड एस.आई.पी. में हर माह सिर्फ 3,000 रुपए निवेश कर रहा है। एस.आई.पी. में निवेश करने वाले ज्‍यादातर लोग ऐसा कर रहे हैं। ये लोग पिछले काफी सालों से एस.आई.पी. में निवेश कर रहे हैं लेकिन वे जितनी रकम का निवेश कर रहे हैं वह बहुत कम है। इससे उनकी वित्‍तीय सेहत में ज्‍यादा सुधार होने की उम्‍मीद नहीं है। इक्विटी फंड एस.आई.पी. में अपनी मासिक आय का सिर्फ 3 फीसदी निवेश बहुत कम है। इससे निवेशक को किसी खास फायदे की उम्‍मीद नहीं करनी चाहिए। हालांकि निवेश के दूसरे विकल्‍पों से मिलने वाले रिटर्न की तुलना में एस.आई.पी.से मिलने वाला रिटर्न काफी ज्‍यादा है लेकिन यह आपके जीवन में खास असर नहीं डाल पाएगा।


कुछ दिन पहले एक युगल दंपत्ति मेरे पास अपने निवेश के बारे में बात करने आए। वे पहले हमारे पडोसी थे। उन्‍होंने सालों के दौरान काफी पैसा बचाया था। लेकिन यह सारा पैसा उन्‍होंने बैंक एफ.डी. में निवेश किया था। 15 साल पहले उन्‍होंने मेरी सलाह पर बैलेंस्‍ड फंड में एस.आई.पी. शुरू की थी। इस एस.आई.पी में उन्‍होंने हर माह 25,00 रुपए निवेश करना शुरू किया। उन्‍होंने एक दो बार मासिक निवेश की रकम में मामूली इजाफा किया।


हालांकि अब वे ऐसी उम्र में पहुंच चुके हैं जब उनको रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के बारे में वित्‍तीय योजना बनानी है लेकिन उनके पास इसके लिए जरुरी रकम नहीं है। बैलेंस्‍ड फंड में निवेश से उनकी रकम 12 लाख रुपए हो गई है और वे इस बात से खुश है कि बेहद कम रकम निवेश करके उन्‍होंने 12 लाख की रकम एकत्र कर ली है।


हालांकि अगर रिटायरमेंट के बाद की उनकी जरूरतों पर नजर डालें तो 12 लाख की उन जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से कुछ भी नहीं है। उनको एस.आई.पी में निवेश से बेहतर रिटर्न मिला लेकिन इससे मिलने वाली कुल रकम उनकी खास मदद नहीं कर पाएगी।


बडी रकम के साथ एस.आई.पी. में निवेश की शरुआत करके मासिक निवेश में इजाफा न करने वालों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। 2004 में 10,000 रुपए की मासिक एस.आई.पी. के साथ निवेश की शुरुआत करने वाले अब भी उतनी ही रकम हर माह निवेश कर रहे हैं। 2004 में वे अपनी मासिक आय का 20 फीसदी निवेश कर रहे थे और अब वे अपनी मासिक आय का 7 फीसदी निवेश कर रहे हैं।


अब आप पहले उदाहरण पर नजर डालें। पिछले 15 सालों के दौरान हर माह 10,000 रुपए की एस.आई.पी से 57 लाख की रकम एकत्र हो गई। वहीं निवेशक ने अगर अपने निवेश में सालाना 5 फीसदी का इजाफा किया होता तो यह राशि 71 लाख रुपए हो सकती थी।


ज्‍यादातर बचत करने वाले लोगों की आय इतनी तो बढती ही है कि वे एस.आई.पी.में अपना निवेश सालाना 5 फीसदी बढा सकें। इससे उन पर वित्‍तीय दबाव भी नहीं बढना चाहिए। बाद में जब वे अपने निवेश को भुनाएंगे तो उनको समझ में आएगा कि इससे उनको बहुत अधिक फायदा हुआ है और उनकी रकम काफी ज्‍यादा बढ गई है।


मेरा मानना है कि अगर आप अपने वित्‍तीय लक्ष्‍य को पाने के लिए निवेश कर रहे हैं तो निवेश पर सिर्फ ज्‍यादा रिटर्न पाना ही पर्याप्‍त नहीं है। आपको इसके लिए इतनी रकम का निवेश करना होगा जिससे आप अपने वित्‍तीय लक्ष्‍य को वास्‍तव में हासिल कर पाएं। अच्‍छी बात यह है कि भारत में बचत करने वाले अपना पैसा अब एफ.डी. से निकाल कर इक्विटी आधारित निवेश में लगा रहे हैं। ऐसे में शुरुआत में उनके लिए सतर्क होकर निवेश की शुरुआत करना स्‍वाभाविक है। लेकिन अगर आपको यह दिख रहा है कि लंबी अवधि में इक्विटी फंड एस.आई.पी. में निवेश आपको बडा फायदा दे सकता है तो आप लंबे समय तक सतर्कता का रवैया नहीं बनाए रख सकते हैं। आपको एस.आई.पी. में निवेश का पूरा फायदा उठाने के लिए निवेश को हर साल बढाना होगा जिससे आप लंबी अवधि में इतनी रकम बना सकें जो आपकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त हो। अगर आप लंबे समय तक सतर्कता वाले मोड में रहेंगे तो आप अपने वित्‍तीय लक्ष्‍य हासिल नहीं कर पाएंगे।

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

4 इंटरनेशनल फ़ंड फिर खुले, ये रही पूरी लिस्ट

पढ़ने का समय 6 मिनट•आकार रस्तोगी

दो स्टॉक्स 70% गिरे, फ़ंड्स ने एक को ख़रीदा और दूसरे से किनारा कर लिया

पढ़ने का समय 7 मिनट•अभिषेक राणा

11 शेयर काग़ज़ पर बेहतर दिखते हैं, फिर भी सस्ते मिल रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•अर्पित सूरी

इस कंपनी का कैश कन्वर्ज़न 367% है, पर यह आंकड़ा कुछ तो छिपा रहा है

पढ़ने का समय 7 मिनट•सत्यजीत सेन

पैसे की ज़रूरत है? तो समझदारी से बेचिए

पढ़ने का समय 3 मिनट•आशुतोष गुप्ता

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी