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सालाना समीक्षा करते हुए म्‍युचुअल फंड स्‍कीमों की तुलना कैसे करनी चाहिए ?

धीरेंद्र कुमार का मानना है कि अपने फंड की तुलना सबसे अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे फंड से नहीं करनी चाहिए

धीरेंद्र कुमार का मानना है कि अपने फंड की तुलना सबसे अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे फंड से नहीं करनी चाहिए

अपने पोर्टफोलियो की सालाना समीक्षा करते हुए अपने म्‍युचुअल फंड स्‍कीम की तुलना दूसरे फंड से कैसे करनी चाहिए ? क्‍या आप मुझे इसके लिए कोई सही तरीका बता सकते हैं और ऐसा करते हुए मुझे किन चीजों से बचना चाहिए ?
जानी
सीधी सी बात है कि आपको हमेशा सिर्फ अपने आस पास हो रही अच्‍छी बातों पर ही नहीं गौर करना चाहिए। यह बहुत आम बात है कि आपका फंड अच्‍छा नहीं कर रहा है और आप उसकी तुलना बहुत अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे फंड से कर रहे हैं। आपको यह स्‍वीकार करना चाहिए हमेशा कुछ फंड ऐसे होंगे जो बहुत अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे होंगे।

हालांकि आपको यह नहीं भूलना चाहिए यह बहुत कठिन है कि आप ऐसा फंड खरीद पाएं जो आपके खरीदने के बाद बहुत अच्‍छा प्रदर्शन करने लगे। इसके अलावा अच्‍छा प्रदर्शन करने वाले फंड कई बार आने वाले सालों में अपना अच्‍छा प्रदर्शन नहीं दोहरा पाते हैं।

तो आपको अपने फंड की तुलना सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड के साथ नहीं करनी चाहिए। इसके बजाए आपको कुछ सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास करना चाहिए। जैसे क्‍या आपके फंड ने एक औसत प्रदर्शन करने वाले फंड से बेहतर प्रदर्शन किया है। क्‍या आप इस फंड के साथ अगले तीन चार साल तक बने रह सकते हैं। क्‍या आपका फंड बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है। इसके अलावा मेरा मानना है कि आपको अपने फंड मैनेजर की स्थिरता पर भी गौर करना चाहिए। फंड के अच्‍छे या खराब प्रदर्शन में फंड मैनेजर की अहम भूमिका है।
ऐसे में आपको इस तरह से अपने फंड की तुलना नहीं करनी चाहिए कि इसकी शर्ट मुझसे ज्‍यादा सफेद है। क्‍योंकि हमेशा ऐसा कुछ होगा। हालांकि आपको इस बात पर गौर करना चाहिए कि आपके निवेश की अवधि, आप कितना जोखिम उठा सकते हैं जैसी चीजें सही दिशा में चल रही हैं या नहीं।

ये लेख पहली बार जनवरी 09, 2020 को पब्लिश हुआ.

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