
अपने पोर्टपोलियो में 30 फीसदी से ज्यादा मुनाफा कमाने वाले स्टॉक्स बेचने का क्या यह सही समय है। अगर हां तो सही मात्रा कितनी होनी चाहिए ?
शैलेष पांडे
निवेशक के सामने यह बहुत बड़ी दुविधा की स्थिति होती है। मार्च में गिरावट देखने के बाद लोग मुझसे कह रहे थे कि वे एक माह पहले या एक सप्तह पहले बाजार से निकल जाना चाहते थे। बाजार मार्च के अपने निचले स्तर से रिकवर कर चुका है। लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ तीन वजहों से किसी को अपना निवेश बेचने पर विचार करना चाहहिए। किसी भी समय आपको इन्हीं तीन कारणों से निवेश बेचना चाहिए।
स्टॉक्स के लिहाज से सबसे पहले आपने जिन कंपनियों में निवेश किया है उनकी भविष्य की कारोबारी संभावनाओं के बारे में राय बनाना अहम होता है। इससे स्टॉक कब बेचना है यह फैसला करने में मदद मिलती है। मान लेते हैं कि आपने किसी स्टॉक में निवेश किया था और उसे स्टॉक का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। और आपको लगत है कि यह स्टॉक अब बहुत महंगा हो गया है और अब यह और ऊपर नहीं जा सकता है। ऐसे में आपको यह स्टॉक बेच देना चाहिए। इसी तरह से आपने कोई निवेश किया है और बीतें सालों में आपको इस निवेश से बहुत अच्छा फायदा हुआ है लेकिन आपको लगता है कि यह कंपनी भविष्य में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं करेगी तो ऐसे हालात में भी आपको अपना स्टॉक बेच देना चाहिए।
दूसरी वजह हो सकती है कि आपका अपने गोल के करीब पहुंचना। यानी जिस गोल के लिए आप निवेश कर रहे हैं वह पूरा होने के करीब है। उदाहरण के लिए आप पिछले पांच साल से निवेश कर रहे हैं और अगले दो तीन सलों में आपको रकम की जरूरत होगी तो आपको रकम निकालने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। आपको कितनी रकम निकालनी है और आपका गोल कब पूरा हो रहा है इसके आधार पर आपको रकम की जरूरत पड़ने से डेढ़ दो साल पहले सिस्टमेटिक विद्रड्रॉअल प्लान यानी एसडब्ल्यूपी शुरू कर देना चाहिए। खास कर तब ऐसा करना बहुत जरूरी हो जाता है जब आप गोल पर समझौता नहीं कर सकते हैं और आप को पता है कि आपको हर हाल में रकम चाहिए। इससे यह सुनिश्चिचत होगा कि जब आपको रकम की जरूरत होगी तो आप बाजार की स्थिति पर निर्भर नहीं होंगे। उस समय बाजार चाहे तेजी पर हो या बड़ी गिरावट का शिकार हो। इससे आपकी सेहत पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा।
तीसरी वजह आपके असेट अलॉकेशन में बदलाव हो सकता है। अगर आप असेट अलॉकेशन पर काम कर रहे हैं और आपने फैसला किया है कि आपका 50 फीसदी निवेश इक्विटी में और 50 फीसदी निवेश डेट में होना चाहिए और समय के साथ इक्विटी का हिस्सा बढ़ कर 70 फीसदी जाए तो आप इक्विटी का एक हिस्सा बेच कर डेट में लगा देना चाहिए।
बाजार में उतार चढ़ाव के बजाए इन वजहों से आपको अपना निवेश बेचना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर आप बाजार के उतार चढाव के बारे में अनुमान लगाएंगे तो आप गलत हो सकते हैं। मैं पिछले 30 साल से म्युचुअल फंड पर नजर रख रहा हूं और मुझे आजतक ऐसा कोई आदमी नहीं मिला है जो निकट भविष्य में बाजार के बारे में सह अनुमान लगा सके। कोई नहीं जानता है कि अगले तीन से छह माह में क्या होगा। बेहतर होगा कि आप ऐसा न करें। आपको याद होगा कि मार्च में सब मान रहे थे कि बाजार अभी और गिरेगा। लेकिन सबको चौंकाते हुए बाजार ने पिछले दो तीन माह में बड़ी रिकवरी दर्ज की है। मुझे याद है जब हमने वैल्यू रिसर्च हेल्पलाइन शुरू की थी तो किसी ने कहा था कि उसने मार्च माह में अपना निवेश बेच दिया और अब बाजार में दोबारा निवेश करने के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। और रकम गंवाने के बाद बची हुई रकम से वे अब 20 से 30 फीसदी अधिक कीमत वाले स्टॉक खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। यहां पर 20 से 30 फीसदी अधिक कीमत मार्च में उन स्टॉक की तुलना में कही जा रही है जो उन्होंने बेचे थे। तो अगर आप बाजार के शोरगुल के आधार पर या अनुमान के आधार पर निवेश बेचना चाह रहे हैं तो ऐसा न करें
ये लेख पहली बार सितंबर 13, 2020 को पब्लिश हुआ.