
एक सुरक्षित निवेश विकल्प, जो ऐसा रिटर्न ऑफ़र करता है, जिसका अनुमान आप काफ़ी हद पहले से लगा सकते हैं। एक कंज़रवेटिव इन्वेस्टर के कानों में ये बात मधुर संगीत का अहसास देते हैं। टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड में ये दोनों फीचर्स हैं, ऐसे में फ़िक्स्ड इनकम की दुनिया में ये नया स्टार है। और इसकी बॉन्ड यील्ड (bond yield) हाल के महीनों में बढ़ती ब्याज दरों की वजह से ऊपर चढ़ रही है, यही वजह है कि ये फ़ंड निवेशकों को आकर्षक लग रहा है। ये आश्चर्य की बात नहीं है कि फ़ड हाउस भी इन फ़ंड्स को चमकाने में लगे हैं। फ़ंड हाउस न सिर्फ़ टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड पर निवेशकों को जागरुक करने के लिए मुहिम चला रहे हैं, बल्कि ये ऐसे ही और भी फ़ंड्स मार्केट में लॉन्च कर रहे हैं। नीचे दिया ग्राफ़ - 'टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड का उदय' इनकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। टारगेट मैच्योरिटी फ़ंड: आपको क्या जानना चाहिए ये फ़ंड बॉन्ड में निवेश करते हैं और फ़िक्स्ड मैच्योरिटी के साथ आते हैं। आइए इन फ़ंड्स पर बारीक़ी से नज़र डालते हैं। · हाई क्रेटिड-क्वालिटी: ये फ़ंड्स ज़्यादातर निवेश करते हैं - गवर्नमेंट सेक्यूरिटीज़, स्टेट डेवलपमेंट लोन, PSU बॉंन्ड और इसी तरह के दूसरे विकल्पों में। जो थोड़ा ज़्यादा जोखिम वाले कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं, वो अपने आपको सबसे सुरक्षित AAA रेटिंग वाले बॉन्ड तक
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