
Axis Mutual Fund: ग्रोथ स्टाइल इन्वेस्टमेंट के लिए चर्चित एक्सिस म्यूचुअल फ़ंड हाल ही में हुए विवाद की वजह से सुर्खियों में है. फ़्रंट-रनिंग केस (front running case) का झटका सहने, और फिर इस पर आई SEBI की रिपोर्ट ने, न सिर्फ़ निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि इससे इस फ़ंड के अंदरूनी कामकाज के सिस्टम के लिए चेतावनी के संकेत भी मिले हैं. नतीजा, फ़ंड हाउस अपने घर को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है. एक दशक से ज़्यादा समय से एक्सिस AMC से जुड़े रहे, और 2013 से CEO रहे चंद्रेश निगम ने इस्तीफ़ा दे दिया और एक्सिस सिक्योरिटीज़ के बी. गोपकुमार ने उनकी जगह ले ली. इसके अलावा आशीष गुप्ता इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट देखने के लिए चीफ़ इन्वेस्टमेंट ऑफ़िसर (CIO) के तौर पर जुड़ गए हैं, जो इससे पहले क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) ग्रुप में इंडिया इक्विटी रिसर्च की अगुआई कर रहे थे. पिछले दो साल के दौरान, फ़ंड हाउस के कमज़ोर प्रदर्शन के चलते संकट और बढ़ गया है. कुल मिलाकर, AMC एक बड़े तूफ़ान का सामना कर रही है. इससे हममें से हर किसी के मन में सवाल खड़ा होता हैः क्या एक समय में ऊंची उड़ान भर रहे इस पस्त से दिखाई पड़ रहे फंड में आपका पोर्टफ़ोलियो शानदार रखने का अब भी दम है? ये भी पढ़िए- इंटरनेशनल फ़ंड: क्या हमारी नई रिकमेंडेशन इसका सीधा सा जवाब है ‘हां, हम यही सोचते हैं.’ निश्चित रूप से हम चिंतित हैं, लेकिन ये जानने के लिए आगे पढ़ें कि क्या गलत हुआ, और हमारी चिंताएं क्या हैं और क्यों हमें हार नहीं माननी चाहिए. फ्रंट रनिंग स्कैंडल: निराशाजनक लेकिन संगठित रूप से ऐसा नहीं हुआ फ्रंट रनिंग केस ने निराश तो किया, लेकिन एक्सिस ज
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