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इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

लेकिन, इन्हें अंतर्राष्ट्रीय फ़ंड समझने की ग़लती बिलकुल न करें

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी ‘तड़का’

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अगर आप समझते हैं कि सिर्फ़ इंटरनेशनल म्यूचुअल फ़ंड ही विदेशी स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं, तो आपको एक बार फिर सोचना चाहिए. भले ही 'भारत में बेस' दूसरे इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड भी ऐसा कर सकते हैं, लेकिन वो इंटरनेशनल फ़ंड्स की तुलना में ज़्यादा टैक्स के फ़ायदे पाने के इरादे से 35 फ़ीसदी की सीमा से आगे नहीं जाते.

इसलिए, हमने बीते पांच साल के दौरान औसत से ज़्यादा इंटरनेशनल एलोकेशन वाले पांच देसी फ़ंड्स (कुल 21) की एक लिस्ट तैयार की है.

DPS वैल्यू फ़ंड
बात जब अंतर्राष्ट्रीय निवेश की हो, तो ये फ़ंड एक अनूठा तरीक़ा अपनाता है. बाकियों से अलग ये फ़ंड केवल विदेशी म्यूचुअल फ़ंड्स और वॉरेन बफ़े की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के शेयरों में निवेश करता है.

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड
विदेशी सिक्योरिटीज़ में निवेश को लंबे समय तक होल्ड करने के कारण ये इस लिस्ट का सबसे अनूठा फ़ंड है. 2013 की शुरुआत से अब तक, इसने विदेशी सिक्योरिटीज़ के लिए 25 फ़ीसदी का औसत निवेश बनाए रखा है.

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

ये भी पढ़िए- क्‍या आपको बैकिंग और फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ फ़ंड्स में निवेश करना चाहिए?

एक्सिस ग्रोथ ऑपर्च्युनिटीज़ फ़ंड
भले ही, इस फ़ंड को लार्ज-कैप और मिड-कैप में 35-35 फ़ीसदी निवेश करना होता है, लेकिन बाक़ी बचे 30 फ़ीसदी को कहीं और निवेश करने की आज़ादी होती है. यही वजह है कि ये बाक़ी का 30 फ़ीसदी, विदेशी सिक्योरिटीज़ में निवेश करता है.

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

SBI फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड
फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड NASDAQ में लिस्टिड बड़ी टेक कंपनियों में निवेश करता है.

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फ़ंड
दो दशक पुराने इस फ़ंड ने जुलाई 2021 में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय निवेश किया था.

इन 5 देसी फ़ंड्स में लगा सबसे ज़्यादा विदेशी 'तड़का'

ये भी पढ़िए- लार्ज-कैप जिनका काफ़ी पैसा मिड-कैप फ़ंड में लगा है

कुछ अहम बातें
आखिर में, आपके लिए नीचे बताई गई कुछ अहम बातें जानना ज़रूरी हैं...

  • फ़िलहाल, ये फ़ंड विदेशी शेयरों में बहुत सक्रिय तरीक़े से नहीं, लेकिन थोड़ा-थोड़ा निवेश कर रहे हैं. यहां तक कि SEBI की तय की गई कुछ निवेश सीमाओं के कारण पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय फंड्स पर रोक लगी हुई है. इस बारे में और जानने के लिए इस स्टोरी को पढ़ें.
  • ये फ़ंड हमारी तरफ से रेकमंड नहीं किया जा रहा है. ये केवल ऐसे भारतीय इक्विटी फ़ंड्स की लिस्ट है, जो विदेश में निवेश करते हैं.
  • ऊपर दिए गए ग्राफ़ से पता चलता है कि हाल के महीनों में इन सभी फ़ंड्स का अंतर्राष्ट्रीय एलोकेशन घटा है. हालांकि, उन्होंने ऐसा जानबूझकर नहीं किया है. ये तो विदेशी निवेश पर SEBI की बंदिश और इस दौरान निवेश में ग्रोथ की वजह से हुआ है.

देखिए ये वीडियो- SIP के लिए सबसे सही तारीख़ कौन सी?

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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