
Stock Market: शेयर बाज़ार इन दिनों ऑल टाइम हाई के आसपास है. ऐसे में, कई निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है कि शेयर ख़रीदे जाएं या अपना मौजूदा निवेश बेच कर मुनाफ़ा भुना लिया जाए? फिर इस समय शेयर बाज़ार से दूर रहने में ही समझदारी है? ऐसे में निवेश की आपकी स्ट्रैटजी क्या होगी? वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार शेयर बाज़ार के मौजूदा हाल और आपके निवेशों के कुछ अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं...
धीरेंद्र कुमार ने कहा कि शेयर बाज़ार (Share Market) अपनी ऐतिहासिक ऊंचाई पर है और काफ़ी उथल-पुथल के बाद जब बाज़ार ऊंचाई पर पहुंचता है, तो आपका निवेश किया पैसा भी बढ़ गया होता है. ऐसे में आपको लगता है कि बड़े समय के बाद मुनाफ़ा दिखाई दे रहा है, अब अपने निवेश बेच देना चाहिए. यहां सवाल उठता है कि क्या आपको ऐसा करना चाहिए?
नहीं, बिलकुल नहीं क्योंकि अगर आप अपने निवेश बेच देते हैं और बाज़ार चल पड़ता है, तो आपको अफ़सोस होगा और आप बाज़ार में फिर से वापसी नहीं कर सकेंगे. अगर निवेश बेचने के बाद बाज़ार गिर जाता है, तब भी बाज़ार में वापसी करना मुश्किल होगा. दरअसल, इसके बाद आप फिर बाज़ार के और ज़्यादा गिरने का इंतज़ार करते रहेंगे. आपको बाज़ार के स्तर के आधार पर अपना निवेश ख़रीदने-बेचने का फ़ैसला नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आप बस अफ़सोस या इंतज़ार करते रह जाते हैं. आपको सिर्फ़ बचत करने और निवेश जारी रखने पर ध्यान देना चाहिए.
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एसेट एलोकेशन कब करें
वो सभी निवेशक जिन्हें निवेश किए कई साल हो गए हैं और उनके पोर्टफ़ोलियो की वैल्यू बड़ी हो गई है. (बड़ी रक़म यानी आपकी 5 साल की आमदनी जितनी), तब आपको इसके बारे में सोचने की ज़रूरत है. आपको एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) करना चाहिए. और एसेट एलोकेशन करते समय ध्यान रखना चाहिए कि पूंजी का बड़ा हिस्सा एक ही बार में निवेश न करें. एसेट एलोकेशन करते समय जल्दबाज़ी न करें और अपनी पूंजी को 6-7 महीने में फ़िक्स्ड इनकम (Fixed Income), इक्विटी आदि में निवेश करें. आपको एसेट एलोकेशन करने के बाद बाज़ार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. दरअसल, एसेट एलोकेशन के बाद अगर शेयर बाज़ार गिरेगा, तो आप इक्विटी में निवेश कर पाएंगे और अगर बाज़ार बढ़ेगा, तो आप इक्विटी से पैसा निकल पाएंगे.
निवेश से पैसा निकालने का सही समय
आपको अपने निवेश से दो सूरत में ज़रूर निकलना चाहिए. पहला, जब आपकी ज़रूरत बदल जाए. मतलब आप कई साल से किसी ख़ास काम या ज़रूरत के लिए इक्विटी में निवेश कर रहे थे और अब वो ज़रूरत आ गई है या आने ही वाली है, तो अपना निवेश बेचना शुरू कर दीजिए. अगर आपको पूरी पूंजी की ज़रूरत है, तो एक साल पहले से प्लानिंग के साथ हर महीने कुछ प्रतिशत शेयर बेचें. अगर आपको आपकी जमा पूंजी से कम की ज़रूरत है, तो उतने ही निवेश बेचें जितने पैसे की ज़रूरत है.
दूसरी स्थिति जब आपको अपने निवेश से पैसा निकालना चाहिए जब आपके चुने फ़ंड का प्रदर्शन ख़राब हो. इसे समझिये, आप ने किसी फ़ंड में निवेश किया, और जिस समय आपने इसमें निवेश करने का फ़ैसला लिया था तब इसका प्रदर्शन बहुत अच्छा था, लेकिन अब ये कमज़ोर प्रदर्शन कर रहा है. ऐसे में आप अच्छा मौक़ा दिखते ही इसे बेच दें और किसी दूसरे फ़ंड में निवेश करें.
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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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