
निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड (Nippon India Small Cap Fund) ने खासकर स्मॉल-कैप स्पेस में साइज़ से जुड़ी बाधाओं के बारे में हर तरह के पुराने ज्ञान को ख़ारिज कर दिया है. इस फ़ंड को न केवल अपने एसेट साइज़ के लिहाज़ से, बल्कि लगातार परफ़ॉर्मेंस के मामले में भी स्मॉल-कैप कैटेगरी का बाप कहा जाता है. ये हमारे 'बाय' रेकमेंडेशन में शामिल रहा है और साथ ही, ये अपने बड़े साइज़ के बावजूद मज़बूती से क़ायम है. कई साल से स्मॉल-कैप में काम कर रहे समीर राच (Samir Rachh) के साथ एक दिलचस्प बातचीत में, हमने इस फ़ंड की सफलता के सभी सीक्रेट उजागर किए. पेश हैं इस बातचीत के मुख्य अंश… आपके स्मॉल-कैप फ़ंड ने पिछले कुछ साल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन ख़ासकर निकट अवधि की बात करें तो पिछले 3-5 महीनों में स्मॉल-कैप शेयरों ने बड़ी कंपनियों के शेयरों की तुलना में ख़ासा अच्छा प्रदर्शन किया है. भले ही आपके स्मॉल-कैप फ़ंड में अपने पीयर्स की तुलना में लॉर्ज-कैप के लिए ज़्यादा एलोकेशन है, लेकिन इसके बावजूद इसने उन्हें पछाड़ दिया है. मार्केट-कैप और साइज़ के लिहाज़ से मुश्किल हालात के बावजूद आपके फ़ंड के प्रभावशाली प्रदर्शन किन बातों का योगदान रहा है? हम निवेश के लिए बॉटम-अप अप्रोच फ़ॉलो करते हैं. हम स्टॉक को लंबे समय तक रखने का प्रयास करते हैं. कुछ लार्ज-कैप शेयरों सहित हमारे कुछ ख़ास शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और इनका परफ़ॉर्मेंस में योगदान रहा है. इस तरह की रणनीति, एक सीमा के बाद स्टॉक के आइडिया की कमी के कारण साइज़ की मुश्किलों पर असर डालेगी. आप अपने स्मॉल-कैप फ़ंड को लेकर इसे सही परिप्रेक्ष्य में कैसे रखते हैं, जो अपने बडे़ साइज़ के कारण इसकेखिलाफ़ रहता है? उदाहरण के लिए, बजाए साइज़ इसकी वजह होने के, फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो के क़रीब कितने प्रतिशत में असल बॉटम-अप स्टॉक का चुनाव हो सकता है? यहां पर टॉप-डाउन (top-down strategy) और बॉटम-अप (bottom-up) दो मुख्य रणनीतियां हैं, जिसे मनी मैनेजर फ़ॉलो करते हैं. सामान्य रूप से टॉप-डाउन स्ट्रैटजी को लार्ज-कैप में अपनाया जाता है, जहां फ़ंड मैनेजर
ये लेख पहली बार अगस्त 01, 2023 को पब्लिश हुआ.
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