
डायनामिक एसेट एलोकेशन फ़ंड्स में दिलचस्पी बढ़ने के साथ, स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने लगातार 23वें महीने बढ़त बरक़रार रखी है. ख़ास बात ये है कि बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच स्मॉल-कैप परफ़ॉरमेंस में मज़बूती बनी हुई है.
अगस्त में, ₹20,245 करोड़ का निवेश पाने के साथ इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स ने दमदार प्रदर्शन किया. इसके साथ ही, बीते पांच महीनों में ये महीना सबसे ज़्यादा निवेश लुभाने वाला महीना रहा. ग़ौर करने की बात ये है कि इस महीने के दौरान मार्केट के निगेटिव रिटर्न के बावजूद ये बढ़ोतरी देखने को मिली. वहीं, ₹15,813.54 करोड़ के इनफ़्लो में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) की बड़ी हिस्सेदारी रही.
अगस्त के दौरान इक्विटी फ़ंड की विभिन्न कैटेगरीज में नेट फ़्लो
| कैटेगरी | नेट फ़्लो (करोड़ ₹) |
|---|---|
| मल्टी कैप | 3422 |
| लार्ज कैप | -349 |
| लार्ज और मिड कैप | 2113 |
| मिड कैप | 2512 |
| स्मॉल कैप | 4265 |
| डिविडेंड यील्ड | 416 |
| वैल्यू फ़ंड/ कॉन्ट्रा | 1365 |
| फ़ोकस्ड | -471 |
| सेक्टोरल/ थीमैटिक | 4806 |
| ELSS | -27 |
| फ़्लेक्सी कैप | 2193 |
| कुल | 20245 |
| स्रोत: AMFI | |
स्मॉल-कैप फ़ंड्स का दबदबा
इक्विटी फ़ंड इनफ़्लो में इस बढ़ोतरी को सपोर्ट देने में स्मॉल-कैप, सेक्टोरल और मल्टी-कैप फ़ंड सबसे अहम रहे. ख़ासतौर पर स्मॉल-कैप फ़ंड ने अगस्त में ₹4,265 करोड़ का निवेश जुटाया, जिससे वर्ष 2023 में इस कैटेगरी में कुल निवेश ₹26,305 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया. दमदार रिटर्न के चलते स्मॉल-कैप फ़ंड्स में लगातार 23 महीने मज़बूत इनफ़्लो बना रहा.
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बीते साल के दौरान, स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने 26.06 फ़ीसदी का औसत रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों की तरफ से इसके लिए पर्याप्त मांग बनी हुई है. इस बीच, इन कैटेगरी के भीतर न्यू फ़ंड ऑफर्स (NFOs) से मल्टी-कैप फ़ंड्स और थीमैटिक फ़ंड्स में निवेश को ख़ासी ग्रोथ मिली. इसके चलते, मल्टी-कैप फ़ंड और सेक्टोरल फ़ंड में क्रमशः ₹3,422 करोड़ और ₹4,806 करोड़ का नेट इनफ़्लो दर्ज किया.
अगस्त 2023 में, जब BSE सेंसेक्स इंडेक्स में 2.55 फ़ीसदी की गिरावट देखी गई, BSE मिडकैप इंडेक्स और BSE स्मॉलकैप इंडेक्स ने क्रमशः 2.57 फ़ीसदी और 6.12 फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की.
लार्ज-कैप से आउटफ़्लो जारी
इसके विपरीत, अगस्त में लार्ज-कैप फ़ंड्स से ₹349 करोड़ का नेट आउटफ़्लो जारी रहा. इसकी वजह ऐसे निवेशक हो सकते हैं, जो मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स पर अपना ध्यान केंद्रित करके ज़्यादा रिटर्न चाहते हैं. इसके अलावा, इसी महीने के दौरान डेट फ़ंड्स से कुल ₹25,872 करोड़ का नेट आउटफ़्लो देखा गया.
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डायनामिक एसेट एलोकेशन फ़ंड्स की ओर बढ़ा रुझान
Dynamic asset allocation funds: इसके विपरीत, डायनामिक एसेट एलोकेशन या बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड ने अगस्त में ₹3,616 करोड़ का निवेश आकर्षित किया, जो 20 महीनों में उनका सबसे ज़्यादा मंथली इनफ़्लो है. इस तेज़ी से पता चलता है कि कुछ निवेशक इक्विटी बाज़ारों के ऊंचे वैल्युएशन के चलते सतर्क रुख अपना रहे हैं.
संक्षेप में, म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में अगस्त महीने में ₹14,385 करोड़ का नेट इनफ़्लो हुआ, जबकि कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹46.63 लाख करोड़ तक पहुंच गई.
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