
' नेशनल पेंशन स्कीम या NPS (टियर- I)' 18 से 70 साल की उम्र के उन लोगों के लिए एक बेहतरीन निवेश का मौक़ा है, जो कम ख़र्च और कम टैक्स में अपना रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं. इस स्कीम में विदेश में रहने वाले नागरिकों सहित सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं. पेंशन फ़ंड रेग्युलेटरी एंड डिपार्टमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने हाल ही में दो संशोधन किए. इसके बाद ये और भी बेहतर निवेश विकल्प बन गया है. पहला संशोधन है कि निवेशक अब रिटायरमेंट के बाद 75 साल की उम्र तक सिस्टेमैटिक लम्प-सम विड्राल (SLW) के ज़रिये, सिलसिलेवार तरीक़े से 60 फ़ीसदी कॉर्पस निकाल सकते हैं. इस बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें. दूसरा, NPS एक्टिव च्वाइस इन्वेस्टर के पास अब अपने निवेश के लिए तीन अलग-अलग फ़ंड मैनेजर चुनने की सुविधा है. दूसरे शब्दों में, निवेशक अब अलग-अलग NPS स्कीम के सबसे अच्छे फ़ंड मैनेजर चुन सकते हैं. जो नहीं जानते, उन्हें बता दें कि इस समय 11 NPS टियर- I फ़ंड मैनेजर हैं - SBI, LIC, UTI, HDFC, ICICI प्रूडेंशियल, कोटक महिंद्रा, आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ (ABSL), टाटा, मैक्स लाइफ़, एक्सिस और DSP - जो चार स्कीम चला रहे हैं: इक्विटी (स्कीम E), सरकारी सिक्योरिटीज़ (स्कीम G), कॉर्पोरेट बॉन्ड (स्कीम C) और ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फ़ंड (स्कीम A). इस लेख में हम सबसे बेहतर फ़ंड मैनेजर वाला कॉम्बिनेशन चुनने में आपकी मदद करेंगे. कृपया ध्यान दें, हमने अपने अनालिसिस में सिर्फ़ उन पेंशन फ़ंड मैनजरों को चुना है, जो कम-से-कम पिछले तीन साल से मार्केट में हैं. इस हिसाब से, टाटा, मैक्स लाइफ़, एक्सिस और DSP अपने आप हमारे अनालिसिस से बाहर हो जाते हैं. स्कीम E: इक्विटी स्कीम E: इक्विटी के बारे में NPS टियर-I इक्विटी स्कीम, मार्केट कैप के आधार पर सिर्फ़ टॉप 200 स्टॉक में ही निवेश कर सकती है. इसलिए, अपने डिज़ाइन के हिसाब से ये स्कीम स्मॉल-कैप स्टॉक में निवेश नहीं कर सकती. स्कीम
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