
म्यूचुअल फ़ंड की विशाल दुनिया में, ऐसे लोग बहुत कम होते हैं जो रिटर्न पाने के लिए अलग रास्ते पर चलते हैं. इनमें SBI कॉन्ट्रा फ़ंड भी शामिल है. दिनेश बालाचंद्रन की अगुआई में इस इक्विटी फ़ंड ने पिछले कुछ साल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. नतीजा, फ़ंड ने बड़े पैमाने पर निवेशकों का ध्यान खींचा है. इसका एसेट बेस लगभग ₹1,700 करोड़ (जनवरी 2021 में) से 15 गुना बढ़कर अब ₹25,000 करोड़ से ज़्यादा हो गया है. जो नहीं जानते उन्हें बता दें कि कॉन्ट्रा स्ट्रेटेज़ी में मार्केट ट्रेंड्स के उलट नज़रिया अपनाया जाता है और रिटर्न कमाने के लिए कम वैल्यू वाले सेक्टर/थीम या शेयरों में निवेश किया जाता है. इस स्ट्रेटेजी में मार्केट की गिरावट का इंतज़ार किया जाता है और दूसरों द्वारा नज़रअंदाज किए गए शेयरों को मुनासिब क़ीमत पर ख़रीदा जाता है. ये फ़ंड किन निवेशकों के लिए है? SBI कॉन्ट्रा फ़ंड अलग-अलग सेक्टरों और अलग-अलग साइज़ की कंपनियों -- लार्ज, मीडियम और स्मॉल -- में निवेश करता है. लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों और वेल्थ बनाने के लिए ये आपके मुख्य इक्विटी पोर्टफ़ोलियो का हिस्सा बनने के लिए बिल्कुल सही विकल्प है. क्योंकि इसका नज़रिया असामान्य होता है (जो लॉन्ग-टर्म संभावनाओं पर फ़ोकस करता है), इसलिए इसमें उन लोगों को निवेश करना चाहिए जो सब्र बनाए रख सकते हैं. इन्वेस्टमेंट स्ट्र
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