SBI Gold ETF
रिटर्न
रिस्क
इस फंड में हाई रिस्क है।
सेबी के रिस्कोमीटर के आधार पर
SBI Gold ETF का पोर्टफ़ोलियो
एसेट एलोकेशन
Split between different types of investments
मार्केट कैप वेटेज
Split between categories of Equity investments
समकक्ष से तुलना
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फंड का नाम
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रेटिंग |
हमारी राय |
रिस्क
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रिटर्न (%) |
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बेस एक्सपेंस रेशियो (%)
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|---|---|---|---|---|---|---|
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SBI Gold ETF
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हाई
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लोडिंग... |
0.55 |
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हाई
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लोडिंग... |
0.69 |
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हाई
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लोडिंग... |
0.42 |
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हाई
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लोडिंग... |
0.50 |
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हाई
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लोडिंग... |
0.52 |
SBI Gold ETF के दूसरे डीटेल
एसेट
₹25,502 करोड़
एग्ज़िट लोड (Days)
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न्यूनतम निवेश (₹)
5,000
न्यूनतम निकासी (₹)
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न्यूनतम SIP निवेश (₹)
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चैक की न्यूनतम संख्या
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SBI Gold ETF के बारे में
SBI Gold ETF commodities की एक SBI Mutual Fund म्यूचुअल फ़ंड स्कीम है. मई 18, 2009 को लॉन्च हुए इस फ़ंड का प्रबंधन वर्तमान में Viral Chhadva द्वारा किया जा रहा है. फ़ंड का एक्सपेंस रेशियो 0.55% है और इसका कुल AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ₹25,502 करोड़ है.
एसबीआई गोल्ड ईटीएफ को अपनी परिसंपत्तियों को भौतिक सोने और / या अन्य म्यूचुअल फंड / ईटीएफ में निवेश करने के लिए अनिवार्य किया गया है जो बदले में सोने में निवेश करते हैं. इसलिए, आप उम्मीद कर सकते हैं कि यह सोने की कीमत द्वारा प्रदान किए गए रिटर्न के अनुरूप निकटता से रिटर्न उत्पन्न करेगा. यह फ़ंड न्यूनतम ₹-- का एकमुश्त निवेश और न्यूनतम ₹-- की SIP की अनुमति देता है.
निवेश की रणनीति
स्कीम का उद्देश्य ऐसा रिटर्न पैदा करना है जो फिजिकल गोल्ड में निवेश के जरिए मिलने वाले रिटर्न के अनुरूप हो . ट्रैकिंग एरर की वजह से स्कीम का प्रदर्शन थोड़ा अलग हो सकता है.
उपयुक्तता
- गोल्ड फ़ंड बाजार की अस्थिरता के खिलाफ बचाव के लिए सीमित एक्सपोजर में उपयुक्त हैं. अन्यथा, उन्हें टाला जा सकता है. कारण जानने के लिए इस लेख को पढ़ें.
- इक्विटी फ़ंड दीर्घकालिक धन सृजन के लिए अधिक उपयुक्त हैं.
कैपिटल गेन्स टैक्स
- अगर म्यूचुअल फ़ंड यूनिट निवेश की तारीख़ से 1 साल के बाद बेची जाती हैं, तो लाभ पर 12.5% की दर से टैक्स लगाया जाता है.
- अगर म्यूचुअल फ़ंड यूनिट निवेश की तारीख़ से 1 साल के भीतर बेची जाती हैं, तो लाभ की पूरी राशि निवेशकों की आय में जोड़ दी जाती है और लागू स्लैब दर के अनुसार टैक्स लगाया जाता है.
- जब तक आप यूनिट को होल्ड करना जारी रखते हैं, तब तक कोई टैक्स नहीं देना होता है.
डिस्क्लेमर: टैक्स से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक तौर पर और दूसरे स्रोतों पर उपलब्ध जानकारियों से तैयार करने की पूरी कोशिश की गई है, जिसे वैल्यू रिसर्च विश्वसनीय मानता है. इसका उद्देश्य टैक्स संबंधी सलाह देना नहीं है, और हमारी आपको सलाह है कि कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने टैक्स सलाहकार से परामर्श ज़रूर करें. वैल्यू रिसर्च इस जानकारी के आधार पर किसी भी निवेश या निवेश से बाहर निकलने के निर्णय से होने वाले किसी नुक़सान या क्षति की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता है और न ही कोई दायित्व स्वीकार करता है.
डिविडेंड टैक्स
- लाभांश को निवेशकों की आय में जोड़ा जाता है और उनके संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है. इसके अलावा, अगर किसी निवेशक की लाभांश आय एक वित्तीय वर्ष में ₹10,000 से ज़्यादा है, तो फ़ंड हाउस लाभांश वितरित करने से पहले 10% का टीडीएस भी काटता है.
SBI Gold ETF पर ताज़ी ख़बरें
FAQ for एसबीआई गोल्ड ईटीएफ़ ग्रोथ
SBI Gold ETF में कैसे निवेश करें?
SBI Gold ETF में निवेश करने के लिए स्टॉकब्रोकर के साथ आपका एक डीमैट खाता और एक ट्रेडिंग खाता होना चाहिए, क्योंकि एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड्स (ETFs) को स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह ख़रीदा और बेचा जाता है. आप अपने ब्रोकर के प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए SBI Gold ETF को सीधे ख़रीद सकते हैं.
SBI Gold ETF का आज का NAV क्या है??
SBI Gold ETF का हालिया घोषित NAV 18-जून-2026 को ₹127.2241 है.
SBI Gold ETF की टॉप होल्डिंग क्या है?
| कंपनी | पोर्टफ़ोलियो का प्रतिशत |
|---|---|
|
Others Gold |
98.39
|
SBI Gold ETF का पिछले 5 वर्षों का रिटर्न क्या है?
पिछले पांच वर्षों में, SBI Gold ETF ने 18-जून-2026 तक 24.52% का वार्षिक रिटर्न दिया है.
SBI Gold ETF में न्यूनतम कितना निवेश कर सकते हैं?
SBI Gold ETF में निवेश शुरू करने के लिए एकमुश्त विकल्प में ₹5,000 और SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) विकल्प में ₹-- के न्यूनतम निवेश की ज़रूरत होती है.
