लर्निंग

प्राइस अगेंस्‍ट अर्निंग का आकलन

PE और PEG रेशियो को अगर सही तरीके से इस्‍तेमाल किया जाए तो इस बात का आकलन करने में यह एक ताकतवर टूल है कि क्‍या स्‍टॉक निवेश करने के लायक है

PE और PEG रेशियो को अगर सही तरीके से इस्‍तेमाल किया जाए तो इस बात का आकलन करने में यह एक ताकतवर टूल है कि क्‍या स्‍टॉक निवेश करने के लायक है

क्‍या मुझे इस स्‍टॉक में निवेश करना चाहिए ? निवेश साल भर इस सवाल का जवाब तलाशने में जुटे रहते हैं। इस सवाल का जवाब देने के लिए कई तरह की बातों पर विचार किया जा सकता है। लेकिन ज्‍यादातर अनुभवी निवेशक इसके लिए PE और PEG रे‍शियो का सहारा लेते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे इन रेशियो की मदद से स्‍टॉक चुन सकते हैं।

PE रेशियो
प्राइस टू अर्निंग PE रेशियो इनमें सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल किया जाने वाला पैमाना है। संक्षेप में कहें, यह कंपनी की मौजूदा स्‍टॉक कीमत को इसकी अर्निंग प्रति शेयर EPC से भाग देने पर PE रेशियो मिलता है। दूसरे शब्‍दों में, PE रेशियो बताता है कि कंपनी के अर्निंग के प्रत्‍येक रुपए के लिए आप कितना भुगतान कर रहे हैं।

ऊपर बताए गए समीकरण में गणक एक शेयर की मौजूदा कीमत है। लेकिन एनुअल अर्निंग प्रति शेयर क्‍या है, इसके आधार पर आप दो तरह के PE रेशियो निकाल सकते हैं।

हिस्‍टोरिकल PE : जब आप विभाजक में पिछले 12 माह के अर्निंग प्रति शेयर का इस्‍तेमाल करते हैं, तो आपको जो PE रेशियो मिलता है वह हिस्‍टोरिकल PE होता है। हिस्‍टोरिकल PE का इस्‍तेमाल करने का फायदा यह है कि गणक और विभाजक दोनों वास्‍तविक आंकड़े हैं न कि अनुमानित आंकड़े। ऐसे में जब आप इन आंकड़ों का इस्‍तेमाल करते हैं तो आप मजबूत जमीन पर होते हैं।
अगर आपके पास डाटा नहीं है और आप खुद से कैलकुलेशन नहीं करना चाहते हैं, तो आप वैल्‍यू रिसर्च वेबसाइट पर प्रत्‍येक लिस्‍टेड कंपनी का PE रेशियो देख सकते हैं।

फॉरवर्ड PE: एक स्‍टॉक का वैल्‍युएशन सिर्फ उसके पिछले प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि इसकी आगे की संभावनाओं पर भी निर्भर करता है। ऐसे में, एनॉलिस्‍ट फॉरवर्ड PE का भी इस्‍तेमाल करते हैं। यहां लिया गया गणक स्‍टॉक की मौजूदा कीमत है, वहीं भाजक एनॉलिस्‍ट का अनुमाल है कि अगले एक साल का EPS क्‍या होगा। इस आंकड़े का नुकसान यह है, निश्चित तौर पर यह अनुमान पर आधारित है और यह अनुमान हो सकता है सही साबित और यह भी हो सकता है कि यह अनुमान सही साबित न हो।

अब सवाल यह उठता है कि PE रेशियो क्‍यों अहम है ? ऊंचा PE रेशियो इस बात की ओर संकेत करता है कि बाजार कंपनी से बहुत ऊंची ग्रोथ की उम्‍मी कर रहा है और ऐसे में स्‍टॉक की कीमत महंगी है। वहीं, दूसरी तरफ, कम PE, इस बात को दिखाता है कि बाजार कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में कमजोर राय रखता है।
कोई ऐसी रणनीति नहीं है जो इस बात की गारंटी दे कि आप बाजार में सफल ही होंगे। अगर आप कम PE वाले स्‍टॉक्‍स में निवेश करते हैं तो आप पाएंगे कि इनमें से कई स्‍टॉक्‍स की संभावानाएं कमजोर हैं और ऐसे में इनकी कम वैल्‍यूएशन वाजिब है।
ऊंचे PE स्‍टॉक्‍स में निवेश करना भी अमीर होने का नुस्‍खा नहीं है। अगर आप ऊंचे PE रेशियो वाले स्‍टॉक में निवेश करते हैं और कुछ वर्षों के बाद इसकी अर्निंग ग्रोथ गिरती है तो आपको उस दिन के बारे में अफसोस होगा जब आप इतनी ऊंची कीमत पर यह स्‍टॉक खरीदा था।

अगर आप वैल्‍यू इन्‍वेस्‍टर हैं, तो कंपनी के करंट PE रेशियो की तुलना इसके हिस्‍टोरिक PE रेशियो से करें। इससे आपको पता चलेगा कि क्‍या स्‍टॉक अपने पिछले वैल्‍यूएशन लेवल से नीचे या ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा स्‍टॉक के PE रेशियो की तुलना इंडस्‍ट्री के दूसरे स्‍टॉक्‍स के साथ भी करें। इससे भी आपको पता चलेगा कि क्‍या क्‍या मौजूदा समय में स्‍टॉक की कीमतें ऊंची हैं या कम हैं।

PE रेशियो पर असर डालने वाले कुछ फैक्‍टर ये हैं:
ग्रोथ की संभावनाएं: ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं होने पर निवेशक कंपनी की वैल्‍यू को ऊंचा आंकते हैं, जिससे PE ऊंचा हो जाता है।
जोखिम: स्‍टॉक में जोखिम जितना ज्‍यादा आंका जाता है निवेशकों की उस स्‍टॉक में दिलचस्‍पी उतनी ही कम होती है, जिससे उसका PE कम हो जाता है।

पिछला रिकॉर्ड: बीते वर्षों में अच्‍छे प्रदर्शन वाली कंपनी पर निवेशक भरोसा करते हैं ऐसे में उनका PE ऊंचा होता है।

आर्थिक परिदृश्‍य: आर्थिक परिदृश्‍य में कंपनियों का PE रेशियो ऊंचा होता है। वहीं दबाव वाले आर्थिक हालात में पूरे बाजार का PE आम तौर पर कम होता है।
अगर दूसरी सभी चीजें बदलती नहीं हैं, तो निवेशकों को बहुत ऊंचे PE रेशियो वाले स्‍टॉक में निवेश करने से परहेज करना चाहिए।

PEG रेशियो: PE रेशियो आपको बताता है कि आप स्‍टॉक्‍स की अर्निंग की तुलना में कितना भुगतान कर रहे हैं। लेकिन यह काफी नहीं है। आपको यह भी पता होना चाहिए कि स्‍टॉक की वैल्‍युएशन उसकी उसकी ग्रोथ की संभावनाओं की तुलना में ऊंची है या कम है। प्राइस टू अर्निंग रेशियो यानी PEG रेशियो इसका आकलन करने में आपकी मदद करता है।

PEG कंपनी के PE रेशियो की तुलना उसकी अर्निंग (EPS) के ग्रोथ रेट के साथ करता है। यहां पर आप फिर से हिस्‍टोरिकल PEG और फॉरवर्ड PEG की तुलना कर सकते हैं। हिस्‍टोरिकल PEG के लिए हिस्‍टोरिकल PE को पिछले तीन साल या पांच साल की अर्निंग में कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ से भाग दिया जाता है। वहीं फॉरवर्ड PEG के लिए फॉरवर्ड PE को अगले एक साल की अर्निंग में संभावित ग्रोथ रेट से भाग दिया जाता है।
PEG रेशियो एक होने का मतलब है कंपनी का स्‍टॉक प्राइस उसके संभावित अर्निंग ग्रोथ रेट के अनुरूप है। यानी इसका वैल्‍युशन सटीक है। एक से अधिक PEG रेशियो का मतलब है कि स्‍टॉक महंगा है। PEG एक से कम होना इस बात का संकेत करता है कि स्‍टॉक अंडरवैल्‍यूड है। ऐसे में यह वैल्‍यू इन्‍वेस्‍टमेंट है।

एक निवेशक के तौर पर आपका काम बाजार में विसंगतियों पर गौर करना है। बेहतर रिसर्च के साथ, आपको ऐसा स्‍टॉक निकालने का प्रयास करना चाहिए जो मौजूदा समय में कम PE रेशियो वाला हो लेकिन ऊंची ग्रोथ संभावनाओं वाला हो।

कब PEG काम नहीं करता है
बड़ी और ज्‍यादा मैच्‍योर कंपनियां का PE रेशियो ऊंचा होता है। मैच्‍योर कंपनियों का अर्निंग ग्रोथ ऊंचा नहीं होगा लेकिन यह ज्‍यादा स्थिर होगा और कंपनी काफी कैश बनाएगी। इससे निवेशको को डिवीडेंड इनकम के तौर पर ज्‍यादा रकम मिलेगी। PEG रेशियो ऐसे स्‍टॉक खोजने में आपकी मदद नहीं करेगा। इस वजह से सिर्फ PE और PEG रेशियो के आधार पर ही स्‍टॉक नहीं चुनना चाहिए। ऐसे में निवेश से पहले स्‍टॉक के बारे में व्‍यापक स्‍टडी करनी चाहिए।

ये लेख पहली बार फ़रवरी 18, 2022 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

एक इंटरनेशनल फ़ंड एकमुश्त रक़म, चार SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

11 शेयर काग़ज़ पर बेहतर दिखते हैं, फिर भी सस्ते मिल रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनट•अर्पित सूरी

Titagarh vs Jupiter: दो रेल कंपनियां, दो अलग दांव

पढ़ने का समय 5 मिनट•सत्यजीत सेन

अब फ़ंड हाउस ही ख़रीद लीजिए

पढ़ने का समय 4 मिनट•धीरेंद्र कुमार

4 इंटरनेशनल फ़ंड फिर खुले, ये रही पूरी लिस्ट

पढ़ने का समय 6 मिनट•आकार रस्तोगी

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी