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इन्वेस्को में हिस्सेदारी के साथ हिंदुजा ग्रुप की म्यूचुअल फ़ंड में एंट्री

सौरभ नानावटी ही इस ज्वॉइंट वेंचर को आगे भी चलाएंगे

इन्वेस्को में हिस्सेदारी के साथ हिंदुजा ग्रुप की म्यूचुअल फ़ंड में एंट्री

बैंकिंग से लेकर हेल्थकेयर तक में फैले ग्रुप हिंदुजा ग्रुप ने मंगलवार को इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट में 60 फ़ीसदी हिस्सेदारी हासिल करके ₹54 लाख करोड़ की भारतीय म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में उतरने का एलान किया है.

बाक़ी की 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी इनवेस्को के पास ही रहेगी. इन्वेस्को इस समय में देश का 17वां सबसे बड़ा फ़ंड हाउस है, जिसके एसेट क़रीब ₹74,300 करोड़ के हैं. हिंदुजा और इनवेस्को दोनों को को-स्पॉन्सर का दर्जा हासिल होगा. जब, सभी ज़रूरी रेग्युलेटरी इजाज़त मिल जाएंगी.

हिंदुजा ग्रुप ने हिंदुजा ब्रदर्स के नेतृत्व वाली मॉरीशस में मौजूद निवेश होल्डिंग कंपनी और भारत के पांचवें सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक इंडसइंड बैंक की प्रमोटर एंटिटी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) के ज़रिए से इनवेस्को के साथ एक ज्वाइंट वेंचर किया है. इसके तहत, हिंदुजा और इनवेस्को दोनों को को-स्पॉन्सर का दर्जा हासिल होगा.

बोर्डरूम में हुए बदलाव के बावजूद, इनवेस्को एसेट मैनेजमेंट इंडिया के CEO सौरभ नानावटी इस नए ज्वाइंट वेंचर का नेतृत्व जारी रखेंगे.

अधिग्रहण की होड़

IIHL अपने BFSI (बैंकिंग, फ़ाइनांस सर्विस और इंश्योरेंस) का विस्तार कर रहा है.

हाल ही में,रिलायंस कैपिटल और उसकी सहायक कंपनियों (लाइफ़, हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस, एसेट रिकंसट्रक्शन, रिसर्च और सिक्योरिटीज़ ब्रोकिंग, आदि) के लिए उनकी बोली को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने मंज़ूरी दी थी.

इनवेस्को को मिली बूस्टर डोज़

हिंदुजा के साथ हाथ मिलाने से इनवेस्को म्यूचुअल फ़ंड एक देशव्यापी बैंकिंग डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से लैस हो जाएगा.

इस समय, भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में SBI MF , ICICI प्रूडेंशियल MF , HDFC MF और कोटक महिंद्रा MF जैसे बैंकों द्वारा सपोर्ट किए जाने वाले फ़ंड हाउसों का बोलबाला है.

नानावती, जो इस ज्वाइंट वेंचर का नेतृत्व करेंगे, उन्होंने बताया कि "एक मज़बूत घरेलू भागीदारी हमें ज़्यादा भारतीय शहरों और कस्बों में पहुंचने की क्षमता में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा करेगी" और "बढ़ते मिडिल क्लास का फ़ायदा मिलेगा जो म्यूचुअल फ़ंड और ETF जैसे साफ़-सुथरे निवेश प्रोडक्ट को पसंद करेगा".

इंवेस्को ने 2012 में रेलिगेयर एसेट मैनेजमेंट में 49 फ़ीसदी हिस्सेदारी हासिल करके भारतीय म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में क़दम रखा था. बाद में, अप्रैल 2016 में, इसने बाक़ी हिस्सेदारी ख़रीद ली और फ़ंड हाउस का नाम बदलकर इनवेस्को म्यूचुअल फ़ंड कर दिया था.

ये भी पढ़िए - स्मार्ट-बीटा फ़ंड क्या होते हैं? जानिए इनमें निवेश के फ़ायदे

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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