
दिनेश बालाचंद्रन SBI म्यूचुअल फ़ंड में इक्विटी हेड हैं. बालाचंद्रन SBI कॉन्ट्रा और ELSS सहित पूरी तरह से इक्विटी वाले फंड्स मैनेज करते हैं. SBI कॉन्ट्रा ने उनकी अगुआई में पिछले कुछ साल में मज़बूत प्रदर्शन किया है, वहीं ELSS भी हाल ही में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. SBI कॉन्ट्रा फ़ंड हमारे द्वारा सुझाए गए डाइवर्स फ़ंड्स की सूची में हाल ही में शामिल हुआ है. इस इंटरव्यू के दौरान, बालाचंद्रन ने फ़ंड के प्रदर्शन में योगदान देने वाले फ़ैक्टर्स और कुछ स्टॉक और सेक्टरों पर लगाए अपने कई दांव को लेकर चर्चा की. आपके कॉन्ट्रा और ELSS फ़ंड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके पीछे क्या वजह है? एक ठहरी हुई अर्थव्यवस्था में अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्टॉक और व्यापक आर्थिक सुधार के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्टॉक एक-दूसरे से काफ़ी अलग होते हैं. 2000-2010 की अवधि के दौरान अर्थव्यवस्था बहुत मज़बूती से आगे बढ़ रही थी, जिससे साइक्लिक शेयरों - पॉवर, मेटल, टेलीकॉम, सीमेंट इत्यादि में तेज़ी आई. नतीजा, इन सेक्टरों में दशक के आख़िर में ओवर-कपेसिटी की दिक़्क़तें आने लगीं. अगले 10 साल में, आर्थिक विकास उतना बढ़िया नहीं रहा. इसके साथ ही ओवर-कपेसिटी से संबंधित दिक़्क़तों के कारण साइक्लिक सेक्टर 2011-2020 के बीच अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. इसलिए, इस अवधि के दौरान निवेशकों ने तथाकथित सेक्युलर कंपाउंडर्स - कंज़म्प्शन-ओरिएंटेड कंपनियों की ओर रुख़ करना शुरू कर दिया. लेकिन कोई भी थीम चाहे कितनी ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसका स्वभाव साइक्लिक होता ही है. पिछले दशक की शुरुआत में लगाई गई उम्मीदें दशक का अंत आते-आते ख़त्म हो गईं. कंज़म्प्शन-ओरिएंटेड शेयरों के मामले में, वे बहुत क़ाबिल टीमों द्वारा मैनेज किए जा रहे अच्छी क्वालिटी के स्टॉक हैं. हालांकि, दशक के आख़िर में उन्हें भी ज़्यादा वैल्यूएशन संबंधी गंभीर दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा. और ये ठीक उस वक़्त हुआ जब साइक्लिक सेक्टरों में दोबारा सुधार होना शुरू हुआ. उस सुधार को सही वक़्त पर पहचानने और उसका फ़ायदा उठाने की वजह से हमारे फ़ंड्स ने
ये लेख पहली बार मई 10, 2024 को पब्लिश हुआ.
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