फंड वायर

बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड vs इक्विटी सेविंग फ़ंड: कौन बेहतर है?

दोनों के अपने-अपने फ़ायदे-नुक़सान हैं, जो उन्हें अलग-अलग निवेशकों की ज़रूरतों के लिए सही बनाते हैं

बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड vs इक्विटी सेविंग फ़ंड: कौन बेहतर है?AI-generated image

सरसरी तौर पर देखेंगे, तो लगेगा बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड और इक्विटी सेविंग फ़ंड एक जैसे हैं. दोनों ही हाइब्रिड फ़ंड हैं (equity और debt दोनों में पैसा लगाते हैं); ये आर्बिट्राज के मौक़ों में निवेश करते हैं (आर्बिट्राज क्या है?); और दोनों इक्विटी के टैक्स वाले फ़ायदे भी उठा सकते हैं.

हालांकि, गहराई से देखने पर आपको कुछ अंतर नज़र आएंगे, जो इस तरह के हैं:

1. इक्विटी-डेट एसेट एलोकेशन मैंडेट

Equity और Debt में कितना निवेश करना है इसे लेकर रेग्युलेटर द्वारा तय की गई रेशियो की रेंज को मैंडेट कहते हैं. ये दोनों फ़ंड्स, इक्विटी और डेट में निवेश करते हैं, लेकिन बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड (जिन्हें डायनेमिक एसेट एलोकेशन फ़ंड भी कहा जाता है) अपने निवेश के फ़ैसलों को लेकर ज़्यादा लचीले हो सकते हैं. उनके पास इस पर कोई पाबंदी नहीं है कि वे इक्विटी, डेट या आर्बिट्रेज में कितना-कितना निवेश करें.

दूसरी ओर, इक्विटी सेविंग फ़ंड्स में निवेशकों का कम-से-कम 65 फ़ीसदी पैसा इक्विटी/इक्विटी से जुड़े (आर्बिट्राज सहित) में और 10 फ़ीसदी डेट में होना चाहिए.

2. प्योर इक्विटी एक्सपोज़र

बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड (BAF) में आमतौर पर प्योर इक्विटी के लिए ऊंचा और ज़्यादा अस्थिर एक्सपोज़र होता है, जैसा कि नीचे दिए गए ग्राफ़ में देखा जा सकता है.

पिछले पांच साल में, अन-हेज्ड इक्विटी (un-hedged equity) में कैटेगरी मीडियन (औसत पढ़ें) एक्सपोज़र 37 से 72 फ़ीसदी के बीच रहा है. दूसरी ओर, इक्विटी सेविंग्स फ़ंड के लिए ये ज़्यादातर 40 फ़ीसदी के आसपास ही रहा.

3. अच्छे वक़्त में परफ़ॉर्मेंस

चूंकि बीएएफ़ में इक्विटी बचत फ़ंड्स के मुक़ाबले में इक्विटी के लिए थोड़ी ज़्यादा दिलचस्पी होती है, इसलिए जब बाज़ार चढ़ रहा होता है तो वे आमतौर पर बाद वाले से बेहतर परफॉर्मेंस करते हैं.

नोट: केवल 10 साल के इतिहास वाले फ़ंड्स पर ही विचार किया गया.

4. गिरावट के दौरान परफ़ॉर्मेंस

BAF और इक्विटी सेविंग फ़ंड में डेट और आर्बिट्रेज भाग प्योर इक्विटी फ़ंड के मुक़ाबले में अस्थिरता को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए, जहां उनमें बाज़ार के मुश्किल दौर में गिरावट आ सकती है, डेट और आर्बिट्रेज वाला हिस्सा बड़े बाज़ार के इंडेक्स के तौर पर उनके गिरने को कम करता है, जैसा कि नीचे दिए गए ग्राफ़ में देखा जा सकता है.

और जब आप सीधे BAF और इक्विटी सेविंग फ़ंड की तुलना करते हैं, तो बाद वाला थोड़ा बेहतर परफ़ॉर्मेंस करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि वे तुलनात्मक रूप से ज़्यादा कंजरवेटिव नेचर के होते हैं.

5. टैक्स

इक्विटी सेविंग फ़ंड और BAF को इक्विटी फ़ंड के समान ही टैक्स के फ़ायदे मिलते हैं, जहां एक साल से ज़्यादा के निवेश के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर सिर्फ़ 10 फ़ीसदी का टैक्स लगाया जाता है, वहीं शॉर्ट-टर्म (एक साल से कम पुराने निवेश) पर 15 फ़ीसदी का टैक्स लगता है.

हालांकि, ध्यान रखें कि अगर BAF इक्विटी और आर्बिट्राज में 65 फ़ीसदी से कम का एक्सपोज़र बनाए रखते हैं, तो उन पर अलग तरह से टैक्स लागू होता है. ऐसा कहा जाता है कि BAF के लिए 65 फ़ीसदी से कम ग्रॉस इक्विटी एक्सपोज़र होना बहुत मुश्किल है.

आप क्या करें

इक्विटी सेविंग्स फ़ंड में निवेश करें अगर...

  • आप एक कंज़रवेटिव और कम जोख़िम लेने वाले निवेशक हैं जो मॉडरेट इक्विटी एक्सपोज़र (मध्यम दर्जे का इक्विटी निवेश) से ख़ुश हैं.
  • आप रिटायर्ड हैं और लगातार मिलने वाली आमदनी पाना चाहते हैं.

BAF में निवेश करें यदि...

  • आप इक्विटी में ज़्यादा निवेश (यानी बेहतर रिटर्न) चाहते हैं और उनसे जुड़ी शॉर्ट-टर्म के उतार-चढ़ाव बर्दाश्त कर सकते हैं.

ये भी पढ़िएः ये फ़ंड बाज़ार की भविष्यवाणी करने में मददगार हो सकते हैं

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

20% रिटर्न, हर महीने ₹1 लाख: क्या ऐसी उम्मीद लगाना सही है?

पढ़ने का समय 6 मिनटअभिषेक राणा

मिडिल ईस्ट में युद्ध और असर आपकी जेब पर

पढ़ने का समय 6 मिनटउदयप्रकाश

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी