
अतुल भोले को DSP म्यूचुअल फ़ंड से हटकर कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फ़ंड में फ़ंड मैनेजर बने हुए चार महीने हो चुके हैं. कोटक में, वे हमारे सुझाए गए दो फ़ंड - कोटक इमर्जिंग इक्विटी और कोटक इक्विटी हाइब्रिड फ़ंड का मैनेजमेंट करते हैं. हमने पहले ही इन फ़ंड्स के पोर्टफ़ोलियो में कुछ हलचल देखी है. हमारी हालिया बातचीत में, भोले ने पोर्टफ़ोलियो में हुए बदलावों के पीछे के तर्क पर विस्तार से चर्चा की. नीचे हमारी बातचीत के मुख्य अंश दिए गए हैं. आप एक ऐसे फ़ंड मैनेजर रहे हैं, जिनका ज़ोर अच्छी क्वालिटी और ग्रोथ पर रहा है. कोटक में, एक ज़्यादा संस्थागत ढांचा है, जिसमें कंपनियों का चयन GARP (growth at reasonable price) रणनीति की ओर झुकाव देखने को मिलता है. इससे जुड़ने के बाद से आपको अपनी निवेश स्टाइल और प्रोसेस में कोई बदलाव करना पड़ा? मैं सहमत हूं कि यहां के प्रोसेस GARP ढांचे पर आधारित हैं और कोटक में टीम की स्ट्रैटजीस बहुत मज़बूत हैं. लेकिन, फ़ंड मैनेजमेंट के स्तर पर, हरेक फ़ंड मैनेजर को स्टॉक चुनने और पोर्टफ़ोलियो बनाने के तरीक़े के लिहाज़ से ख़ासी स्वतंत्रता दी जाती है. कोटक में, हमारी अनुभवी एनेलिस्ट टीम 450 से ज़्यादा कंपनियों को कवर करती है. हालांकि, व्यक्तिगत तौर पर फ़ंड मैनेजर एनेलिस्ट की सलाह लेते समय अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकता है. इसल
ये लेख पहली बार जून 05, 2024 को पब्लिश हुआ.
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