
सौरभ पंत SBI म्यूचुअल फ़ंड के पुराने लोगों में से हैं. 2007 से फ़ंड हाउस से जुड़े हैं और 2011 से फ़ंड्स मैनेज करते आ रहे हैं. इस समय वो ₹95,000 करोड़ के भारी-भरकम निवेश की देखरेख के लिए ज़िम्मेदार हैं, जिसमें तीन इक्विटी फ़ंड्स और कंज़र्वेटिव हाइब्रिड फ़ंड का इक्विटी वाला हिस्सा शामिल है. पंत, अप्रैल 2024 से हमारे सुझाए गए फ़ंड्स में से एक SBI ब्लूचिप फ़ंड का मैनेजमेंट कर रहे हैं. उनकी निवेश रणनीति, के हालिया परफ़ॉर्मेंस और कामकाज में आए बदलावों को समझने के लिए हमने उनसे बातचीत करने का फ़ैसला किया. यहां हम उनके साथ हुई बातचीत के अहम हिस्से दे रहे हैं. जब बात आपके लार्ज और मिडकैप फ़ंड्स की आती है, तो अक्सर सुना है कि इस एक फ़ंड के भीतर दो अलग-अलग रणनीतियां चलती हैं. क्या आप हमें स्टॉक चुनाव के ढांचे को समझने में मदद कर सकते हैं? हम कैटेगरी मानदंडों के मुताबिक़ लार्ज-कैप और मिड-कैप दोनों में कम से कम एलोकेशन बनाए रखते हैं, जो हमारी फ़ंड रणनीति को आकार देता है. लार्ज-कैप रणनीति पूरी तरह से एक रिटर्न सापेक्ष रणनीति (return relative strategy) है. हम बेंचमार्क को गले नहीं लगा रहे हैं, लेकिन हम बेंचमार्क रिस्क को समझते हैं. मिसाल के लिए, हमारी रिसर्च के मुताबिक़, हमने एक लार्ज-कैप स्टॉक पर नेगेटिव नज़रिया अपनाया है, लेकिन फ़ंड में हमारा वेट (निवेश का रेशियो) बराबर रहा है. ये फ़ंडामेंटल साइड में पॉज़िटिव बदलाव और पॉज़िटिव न्यूज़ की वजह जो कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नज़रिए को बदल सकता है. ज़ाहिर है, फ़ंडामेंटल्स एक अहम क़िरदार निभाते हैं, लेकिन पोर्टफ़ोलियो ऐसे दांव लगा सकता है जो दूसरे फ़ैक्टरों से प्रभावित होते हैं. रिलेटिव रिटर्न स्ट्रैटजी के साथ भी, ह
ये लेख पहली बार जून 13, 2024 को पब्लिश हुआ.
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