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Union Budget 2025: आपके लिए क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा

Union Budget में सरकार के कुछ फैसले आपको बड़ी राहत दे सकते हैं

Budget 2025: क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा? देखिए पूरी लिस्ट

फ़ाइनांस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 01 फ़रवरी जुलाई 2025 को बजट 2025-26 पेश कर दिया है. इस बार कस्टम ड्यूटी में बदलाव सहित कई अहम ऐलान किए गए. हम आपको उन फैसलों के बारे में बता रहे हैं, जिनका आपकी जेब पर सीधा असर हो सकता है.

फ़ाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का कहना है कि ये बजट:

  • इकॉनमी को तेज़ी से बढ़ाने के लिए बनाया गया है.
  • इंडस्ट्री और लोगों को नई ऊर्जा देने पर ज़ोर दिया गया है.
  • मिडिल क्लास की ख़र्च करने की क्षमता बढ़ाने पर फ़ोकस किया गया है.

पिछले साल सरकार ने गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम जैसी चीजों पर टैक्स घटाया था. इस बार भी कुछ चीजें सस्ती हुई हैं, जबकि कुछ महंगी भी हो गई हैं.

ये चीज़ें होंगी सस्ती

  • मोबाइल फ़ोन - बैटरी प्रोडक्शन में लगने वाले 28 नए आइटम्स पर टैक्स छूट.
  • ज़रूरी दवाइयां - 36 जीवन रक्षक दवाओं के लिए कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट.
  • इलेक्ट्रिक गाड़ियां और EV बैटरियां - ईवी बैटरियों को छूट प्राप्त कैपिटल गुड्स की लिस्ट में शामिल कर दिया गया है. इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होने की उम्मीद है.
  • फ़्रोज़न फ़िश पेस्ट - कस्टम ड्यूटी 30% से घटाकर 5% की गई.
  • लेदर प्रोडक्ट्स - चमड़ा बनाने में इस्तेमाल होने वाला वेट ब्लू लेदर हुआ सस्ता.
  • LCD/LED टीवी के ओपन सेल्स - टीवी बनाने की लागत कम होगी.
  • क्रिटिकल मिनरल्स, कोबाल्ट प्रोडक्ट्स और लिथियम बैटरी स्क्रैप - इंडस्ट्री के लिए राहत.
  • इथरनेट स्विचेज़ - हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए ज़रूरी इथरनेट स्विचेज़ सस्ते हुए.
  • 12 ज़रूरी मिनरल्स - 12 ज़रूरी मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है, जिससे इंडस्ट्री को राहत मिलेगी.
  • शिप बनाने के लिए - शिप बनाने के लिए कच्चे माल की कस्टम ड्यूटी पर भी अगले 10 साल तक के लिए छूट बढ़ा दी गई है, जिससे जहाज़ निर्माण सस्ता होगा.
  • मैरीन और कोबाल्ट प्रोडक्ट्स - मैरीन प्रोडक्ट्स और कोबाल्ट प्रोडक्ट्स की क़ीमतें कम होंगी.
  • LED और लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप - इनकी क़ीमतों में गिरावट आएगी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं.
  • इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पार्ट्स - बच्चों के खिलौने सस्ते होंगे.
  • खाने-पीने की कुछ चीज़ों में इस्तेमाल होने वाले सिंथेटिक फ्लेवर - खाने-पीने की कुछ चीज़ों की लागत कम होगी.
  • इंपोर्टेड कारेंः 40,000 अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा क़ीमत वाली इंपोर्टेड कारें या 3,000cc से ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें.
  • इंपोर्टेड मोटरसाइकिलः 1600cc से ज़्यादा इंजन क्षमता वाली पूरी तरह से निर्मित (CBU) यूनिट के रूप में इंपोर्टेड मोटरसाइकिलें. सेमी-नॉक्ड डाउन (SKD) रूप में आयातित 1600cc से ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें. पूरी तरह से नॉक्ड डाउन रूप में आयातित 1600cc से ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें. CBU रूप में 1600cc और उससे ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें. SKD रूप में 1600cc और उससे ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें. SKD रूप में 1600cc और उससे ज़्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें. 10 या उससे ज़्यादा व्यक्तियों के ट्रांसपोर्ट के लिए आयातित वाहन.

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ये चीजें हुईं महंगी

  • फ़्लैट पैनल डिस्प्ले - मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इंटरएक्टिव फ़्लैट पैनल डिस्प्ले (IFPD) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दी गई है.
  • कपड़े (निटेड फै़ब्रिक्स) - फ़ैशन इंडस्ट्री के लिए लागत बढ़ेगी.
  • स्मार्ट मीटर
  • सौर सेल
  • इंपोर्टेड जूते
  • इंपोर्टेड मोमबत्तियां और टेप
  • इंपोर्टेड नांव और जहाज़
  • PVC फ़्लेक्स फ़िल्में, PVC फ़्लेक्स शीट, PVC फ़्लेक्स बैनर

बजट का असर आम लोगों पर

ये बजट ऐसे समय में आया है जब GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान है, जो पिछले 4 सालों में सबसे कम है. सरकार को उम्मीद है कि 2025-26 में ग्रोथ 6.3-6.8% रहेगी, लेकिन 'विकसित भारत 2047' का सपना पूरा करने के लिए ये काफ़ी नहीं है. ज़मीन और लेबर में सुधार जैसी नीतियों की ज़रूरत होगी ताकि भारत 8% या इससे ज़्यादा की ग्रोथ हासिल कर सके.

ध्यान दें!

बजट 2025-26 में सरकार ने कुछ चीजें सस्ती की हैं, जिससे मिडिल क्लास को थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन कुछ ज़रूरी चीजें महंगी होने से ख़र्च बढ़ सकता है. अब देखना होगा कि ये बजट भारत की इकोनॉमी को कितना फ़ायदा पहुंचाता है और लोगों की जेब पर कैसे असर डालता है?

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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