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न्यू टैक्स रिजीम आ गई है. क्या ELSS निवेश रोक देना चाहिए?

हम यहां अपने डेटा के मुताबिक़ ELSS निवेश के फ़्यूचर पर चर्चा कर रहे हैं

न्यू टैक्स रिजीम में क्या आपको ELSS निवेश जारी रखना चाहिए? जानिए पूरी डिटेलAI-generated image

ELSS (इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम) जिसे टैक्स-सेविंग म्यूचुअल फ़ंड तौर पर जाना जाता है. फ़िलहाल बड़े दबाव में हैं, जैसे डिजिटल फ़ोटोग्राफ़ी ने कोडक के फ़िल्म कैमरा बिज़नस को किनारे कर दिया. कुछ इस ही तरह, भारत सरकार द्वारा ओल्ड टैक्स रिजीम के नियमों को हटाकर नई टैक्स रिजीम की ओर बढ़ना ELSS के लिए बड़ी चुनौती बनकर आया है.

बेशक़, कोडक का पतन समय के साथ आगे न बढ़ने के कारण हुआ, लेकिन ELSS फ़ंड की चमक कुछ और परिस्थितियों की वजह से थोड़ी फीकी पड़ गई, जैसे कि नई दिल्ली में नई कर व्यवस्था को ज़्यादातर भारतीय टैक्सपेयर के लिए बेहतर विकल्प बनाना.

तो, मौजूदा ELSS निवेशकों को क्या करना चाहिए, ख़ासकर जब उन्होंने अपनी तीन साल का लॉक-इन पीरियड पूरा कर लिया हों? क्या उन्हें अपने निवेश को बेचकर बेहतर विकल्प तलाशने चाहिए?

यहां बताया गया डेटा आपके फै़सले में मदद कर सकता है.

ELSS फ़ंड्स का पास्ट परफ़ॉर्मेंस कैसा रहा है?

  • पिछले दशक में, जब भी हम किसी भी तीन साल की अवधि को देखते हैं तो, ELSS फ़ंड्स ने औसतन हर साल 14.24% का रिटर्न दिया है. इस दौरान सबसे कम रिटर्न -7.2% रहा है.
  • जब हमने पांच साल तक की अवधि बढ़ाया तो हमने पाया कि इसका सालाना औसत रिटर्न लगभग 13% रहा है और सबसे कम रिटर्न -2.12% जो कि तीन साल की अवधि की तुलना में बेहतर है.
  • निवेश की अवधि को सात साल तक बढ़ा दें तो इसका औसत सालाना रिटर्न लगभग 13% ही रहता है, जबकि सबसे कम रिटर्न 7.23 %.

इससे पता चलता है कि जितना लंबे समय तक हम ELSS फ़ंड में निवेशित रहेंगे, हमें उतने ही बेहतर और रिस्क-फ़्री रिटर्न मिलने की उम्मीद है.

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ELSS फ़ंड की फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स में तुलना

सभी प्रैक्टिकल उद्देश्यों के लिए - बस तीन साल का लॉक-इन पीरियड और टैक्स के फ़ायदों को अलग कर दें, तो लंबे समय में पैसा बनाने के लिए ELSS फ़ंड्स उतने ही अच्छे हैं जितने और दूसरे डायवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स. जैसे कि फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स. इनमें निवेश करने का मतलब है कि आप उनकी तरह, ELSS फ़ंड में अलग-अलग साइज़ और अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, जिसमें निवेश में लचीलापन है और जो आपको डायवर्सिफ़िकेशन का फ़ायदा देते हैं.

इसलिए, अगर हम औसत ELSS फ़ंड की परफ़ॉर्मेंस की तुलना औसत फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड से करें, तो आप पाएंगे कि दोनों ही कैटेगरी पांच और सात साल के आधार पर 13% का सालाना रिटर्न दिया है. इसलिए, दोनों में से किसी भी विकल्प को चुनना लंबे समय में पैसा बनाने के लिए बेहतर साबित हो सकता है.

तो, क्या आपको ELSS में बने रहना चाहिए या बदलाव करना चाहिए?

ये उन लोगों के लिए है. जो ELSS निवेश में तीन साल की लॉक-इन सीमा को पार कर चुके हैं.

अगर आपको पैसे की ज़रूरत है या आपने अपना निवेश का गोल पूरा कर लिया है, तो ELSS फ़ंड से पैसे निकालना समझदारी है.

अगर आपको फ़ौरन पैसे की ज़रूरत नहीं है, तो निवेशित रहना बेहतर हो सकता है. अपने निवेश की समय सीमा को बढ़ाने से आप मार्केट साइकिल और समय के साथ कंपाउंडिंग की ताक़त का फ़ायदा उठा सकते हैं. ऊपर बताया गया डेटा पुख़्ता तौर पर ये दर्शाता है कि लंबे समय तक निवेश करने से बेहतर नतीजे मिलते हैं.

अगर आप अपने फ़ंड के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं, तो डेटा के आधार पर उसकी परफ़ॉर्मेंस का अनालेसिस करें. अपने फ़ंड के रोलिंग रिटर्न की तुलना बाक़ी ELSS फ़ंड ( या अगर आपके पास टैक्स संबंधी विचार नहीं हैं, तो फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स) से शुरुआत करें. इसके अलावा, इसकी तुलना BSE 500 के मुक़ाबले इसके प्रदर्शन का आकलन करें, जो ELSS और फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड जैसे डायवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स के लिए बेंचमार्क है.

आप अलग-अलग मार्केट साइकिल में अपने ELSS फ़ंड के ऐतिहासिक परफ़ॉर्मेंस को भी देख सकते हैं.

ये आसान अनालेसिस करने से आपको ये पक्का करने में मदद मिलेगी कि आपका ELSS फ़ंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है.

अगर आपका फ़ंड लगातार दो से तीन साल तक ख़राब परफ़ॉर्म कर रहा है, तो आप किसी दूसरे डायवर्सिफ़ाइड फ़ंड में स्विच कर सकते हैं.

आपके ऐक्टिव ELSS फ़ंड के साथ क्या करना चाहिए?

जिनकी SIP ELSS में चल रही है, उन्हें अपनी स्ट्रैटेजी पर दोबारा से ग़ौर करने की ज़रूरत है.

न्यू टैक्स रिजीम की वजह से कुछ टैक्स के फ़ायदों पर ज़ोर कम होने के साथ, आप अपनी SIP के लिए फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड कि ओर ग़ौर कर सकते हैं. ये फ़ंड एक जैसा डायवर्सिफ़िकेशन और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ देते हैं. साथ ही, आपके मौजूदा फ़ाइनेंशियल गोल के साथ बेहतर तालमेल बिठा सकते हैं.

हालांकि, अगर आप जल्दबाज़ी में निवेश के फै़सले लेते हैं, तो ELSS के साथ बने रहना एक उपयोगी सुरक्षा जाल के रूप में काम कर सकता है. तीन साल का लॉक-इन पीरियड अनुशासन में मदद करता है और आपके लॉन्ग-टर्म इनवेस्टमेंट प्लान में जल्दबाज़ी की चालों को रोकता है.

बहरहाल, चाहे आप अपने निवेश को रिडीम करें, उसे जारी रखें या अपने SIP को रि-एलोकेट करें, आपका फ़ैसला आपके सभी फ़ाइनेंशियल उद्देश्य और मज़बूत प्रदर्शन के आंकड़ें दोनों द्वारा तरफ़ होना चाहिए.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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