
मुकेश अंबानी की लीडरशिप वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के शेयरों में सोमवार को 4% से ज़्यादा का उछाल आया, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को भी सपोर्ट मिला. कंपनी ने पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर (Y-o-Y) कंसोलिडेटेड प्रॉफ़िट 2.4% की ग्रोथ दर्ज की.
दिन के दौरान RIL का स्टॉक 5.50% तक बढ़कर ₹1,372 प्रति शेयर पर पहुंच गया, जो इस साल 17 जनवरी के बाद सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है. कंपनी का शेयर इस महीने की शुरुआत में अपने 52 हफ़्ते के निचले स्तर ₹1,114.8 से लगभग 20% बढ़ चुका है. इस साल स्टॉक में 13% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि बेंचमार्क निफ़्टी50 में 2.3% की बढ़त हुई है. RIL का टोटल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹18.50 लाख करोड़ है.
Q4 FY25: रिलायंस के शानदार नतीजे
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने इस Q4 FY25 की परफ़ॉर्मेंस से जुड़ी कुछ ख़ास बातें:
- ऑयल-टू-टेलीकॉम कंपनी ने मार्च तिमाही (Q4FY25) में ₹19,407 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹18,951 करोड़ से करीब 2.4% ज्यादा है. ये आंकड़ा अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के ₹18,540 करोड़ से भी ज़्यादा रहा है.
- कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹2.6 ट्रिलियन हो गया, जो जनवरी-मार्च 2024 में ₹2.4 ट्रिलियन था. FY25 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने ₹2.4 ट्रिलियन का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया था, जो सालाना आधार पर 6.7% ज़्यादा था.
- कंपनी ने FY25 के लिए ₹5.5 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड का भी ऐलान किया है.
रिलायंस के किस ने मारी बाज़ी?
रिलायंस के अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट्स ने कैसा परफ़ॉर्म किया, आइए देखते हैं:
रिलायंस रिटेल: इस सेगमेंट ने भी कमाल का परफॉर्मेंस दिया. इसका रेवेन्यू 16.3% बढ़कर ₹78,622 करोड़ हो गया. नेट प्रॉफिट में 29.1% की ज़बरदस्त ग्रोथ हुई और ये ₹3,545 करोड़ हो गया. कंपनी ने इस साल 2,659 नए स्टोर्स खोले हैं, जिससे स्टोर्स की कुल संख्या 19,340 हो गई है
जियो प्लेटफ़ॉर्म: डिजिटल सर्विस देने वाली इस कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई. इसका रेवेन्यू 17.7% बढ़कर ₹33,986 करोड़ हो गया. वहीं, नेट प्रॉफिट में 25.7% का उछाल आया और ये ₹7,022 करोड़ रहा. जियो का ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) भी बढ़कर ₹206.2 प्रति महीना हो गया. 5G यूजर्स की संख्या 191 मिलियन तक पहुंच गई है.
ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C): इस सेगमेंट के रेवेन्यू में 15.4% की बढ़ोतरी हुई और ये ₹1,64,613 करोड़ रहा. हालांकि, ग्लोबल मार्केट में कुछ चुनौतियों के कारण EBITDA में 10% की गिरावट देखने को मिली.
ऑयल एंड गैस: इस सेगमेंट में रेवेन्यू में मामूली 0.4% की गिरावट आई और ये ₹6,440 करोड़ रहा. EBITDA में भी 8.6% की कमी आई.
जियोस्टार: ये नया सेगमेंट है जिसने हॉटस्टार के साथ मर्जर के बाद ₹10,006 करोड़ का रेवेन्यू और ₹774 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है.
मार्केट का रिएक्शन: क्यों चढ़ा रिलायंस का शेयर?
Q4 के नतीजों के बाद स्टॉक मार्केट में रिलायंस के शेयर्स में ज़बरदस्त पॉज़िटिव रिएक्शन देखने को मिला. 28 अप्रैल को कंपनी का शेयर लगभग 4% के गैप-अप ओपनिंग के साथ खुला और इंट्राडे में ₹1,374 के पांच महीने के हाई पर पहुंच गया. इस उछाल के कारण रिलायंस निफ़्टी 50 इंडेक्स पर टॉप गेनर बन गया.
एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एनालिस्ट्स भी रिलायंस के Q4 FY25 के नतीजों से काफी प्रभावित हैं. ज़्यादातर ब्रोकरेज फर्म्स ने स्टॉक पर 'बाय' रेटिंग दी है और कई ने तो अपने टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिए हैं. नुवामा ने सबसे ज़्यादा ₹1,708 का टारगेट प्राइस दिया है. एनालिस्ट्स का मानना है कि रिलायंस के रिटेल और जियो बिज़नेस में अभी और ग्रोथ देखने को मिल सकती है. कंपनी का नया एनर्जी बिज़नेस भी फ्यूचर में अच्छा परफ़ॉर्म कर सकता है
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने Q4 FY25 में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. रिटेल और जियो जैसे कंज्यूमर-फे़सिंग बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है. ₹10 ट्रिलियन के नेटवर्थ का माइलस्टोन कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. मार्केट और एनालिस्ट्स का पॉजिटिव रिएक्शन इस बात का सबूत है कि रिलायंस सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है.
डिस्क्लेमरः ये स्टॉक रिकमंडेशन नहीं है. निवेश से पहले अच्छी तरह से विचार कर लें.



