कैटेगरी कंपास

ग्रोथ फ़ंड्स का शानदार प्रदर्शन जारी है

फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, मल्टी-कैप और वैल्यू-ओरिएंटेड फ़ंड्स की पड़ताल

ग्रोथ फंड्स का निवेशकों को लुभाना जारी हैAdobe Stock

इक्विटी मार्केट में लगातार उथल-पुथल के बीच, कोर इक्विटी फ़ंड कैटेगरीज़ और निवेशकों के लिए उनकी प्रासंगिकता का फिर से आकलन करने का समय आ गया है. वैल्यू रिसर्च में, हम कोर इक्विटी स्पेस को "ग्रोथ" कैटेगरी मामते हैं, जिसमें फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड फ़ंड्स और बिल्कुल नए मल्टी-कैप फ़ंड्स शामिल हैं. इन सब-कैटेगरीज़ की समान ख़ूबियां हैं. इन ख़ूबियों में व्यापक डाइवर्सिफ़िकेशन और व्यापक निवेश क्षेत्र शामिल हैं, जो उन्हें लंबे समय में वैल्थ तैयार करने के लिए उपयुक्त बनाती हैं. ये फ़ंड भारत की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में निवेश करते हैं, जिसमें लार्ज-कैप 67 प्रतिशत, मिड-कैप 21 प्रतिशत और स्मॉल-कैप 12 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी रखते हैं. हाल के वर्षों में, वैल्यू स्टाइल को फ़ॉलो करने वाले फ़ंड्स का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जबकि ग्रोथ स्टॉक्स पर जोर देने वाले फ़ंड्स पीछे रह गए. हालांकि, ये रुझान अब बदलता दिख रहा है. पिछले एक वर्ष में, जहां BSE 500 ने 4.34 प्रतिशत का मामूली रिटर्न 1(28 अप्रैल, 2025 तक) दिया, वहीं हाई वैल्यू रेटिंग (7 या उससे ज़्यादा) वाले केवल 13 प्रतिशत स्टॉक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि हाई-ग्रोथ स्टॉक्स में 47 प्रतिशत ने बाजार को मात दी. बाज़ार की हाल की गिरावट के दौरान भी यही पैटर्न देखा गया. मुख्य बातें और ट्रेंड्स प्रदर्शन : एक्टिव तरीक़े से मैनेज होने वाले ग्रोथ फ़ंड्स का ब्रॉडर मार्केट से बेहतर प्रदर्शन जारी है. FY25 में, ग्रोथ यूनिवर्स के 77 प्रतिशत एक्टिव फ़ंड ने BSE 500 TRI को मात दी. तीन साल की अवधि में, वैल्यू कैटेगरी 4.59 प्रतिशत का अल्फ़ा हासिल करते हुए सबसे आगे रही, जबकि फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स ने 1.35 प्रतिशत का मामूली अल्फ़ा दर्ज किया. निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी : डाइवर्सिफ़ाइड कैटेगरीज़ ने फिर से लोकप्रियता हासिल की है, जबकि पहले "जोखिम भरी" कैटेगरीज़ (मिड-कैप, स्मॉल-कैप और सेक्टोरल/थीमैटिक फ़ंड्स) का दबदबा बना हुआ था. इनफ़्लो में इनकी हिस्सेदारी Q1 FY25 की 34 प्रतिशत से बढ़कर Q4 FY25 तक 49 प्रतिशत हो गई, जो जोखिम भरी कैटेगरीज़ के बराबर है. विशेष रूप से, फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स ने इस वापसी का नेतृत्व किया, जिनकी डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स में कुल निवेश में 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है. मार्केट कैप एलोकेशन : डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स ने लगातार लार्ज-कैप पर ध्यान केंद्रित रखा है, जिससे कुछ फ़ंड्स को हाल की बाज़ार की गिरावट का सामना करने में मदद मिली. सेक्टोरल एलोकेशन : सितंबर 2024 की गिरावट के बाद से, ग्रोथ-ओरिएंटेड कैटेगरीज़ ने फ़ाइनेंशियल सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिसने उस अवधि में 3.6 प्रतिशत रिटर्न

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