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शुक्रवार, 16 मई को Bharti Airtel के शेयर में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. चौथी तिमाही के मज़बूत नतीजे जारी होने के बावजूद शेयर में आई इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. असल में Q4 तिमाही में भारती एयरटेल का नेट प्रॉफ़िट 4 गुना से ज़्यादा बढ़ गया. वहीं, ARPU (प्रति यूज़र औसत रेवेन्यू) ने नया रिकॉर्ड बनाया और कंपनी ने ₹16 के डिविडेंड का भी ऐलान किया है.
माना जा रहा है कि सिंगापुरकी कंपनी सिंगटेल ने अपनी सहायक कंपनी पेस्टल के ज़रिए एयरटेल के करीब 4.76 करोड़ शेयर ब्लॉक डील के तहत बेच दिए, जिसके चलते शेयर में गिरावट देखने को मिली है. ये शेयर ₹1,800 प्रति शेयर की क़ीमत पर बेचे गए, जो पिछले बंद भाव से 3.6 फ़ीसदी कम था. इस डील का कुल साइज़ रहा ₹8,568 करोड़ रहा.
इस बिक्री से भारती एयरटेल में सिंगटेल की हिस्सेदारी 29.5 फ़ीसदी से घटकर 28.3 फ़ीसदी रह गई. ये कोई ख़तरे की घंटी नहीं है. ये सिंगटेल की कैपिटल रिएलोकेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. लेकिन जब कोई बड़ा प्रमोटर हिस्सेदारी बेचता है, तो मार्केट की नज़रें उस पर टिक जाती हैं.
आंकड़े क्या कहते हैं?
ब्लॉक डील को अगर एक तरफ़ रखें, तो एयरटेल की Q4 FY25 परफ़ॉर्मेंस ज़बरदस्त रही:
| मेट्रिक | Q4 FY25 | बदलाव (YoY) |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹47,876 करोड़ | 27% |
| नेट प्रॉफ़िट (एडजस्टेड) | ₹5,223 करोड़ | 77% |
| नेट प्रॉफ़िट (रिपोर्टेड) | ₹11,022 करोड़ | +432% (टैक्स गेन सहित)% |
| ARPU | ₹ 245 | ₹209 से बढ़ा% |
| डिविडेंड | ₹16 प्रति शेयर | - |
ARPU में ये उछाल बड़ा गेम-चेंजर है. ये दिखाता है कि कंपनी के मार्जिन मज़बूत हो रहे हैं और यूज़र्स ज़्यादा लॉयल हो रहे हैं, ख़ासकर टेलीकॉम जैसे कॉम्पिटिटिव मार्केट में.
तो फिर शेयर क्यों लुढ़क रहा है?
मार्केट में टाइमिंग ही सबकुछ है. ब्लॉक डील ठीक नतीजों के बाद हुआ, जिससे शानदार नतीजों का असर सीमित हो गया. बड़े प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री को इन्वेस्टर्स अक्सर सावधानी से देखते हैं—कहीं भविष्य में और बिक्री तो नहीं होगी, या फिर कॉन्फ़िडेंस कम तो नहीं हो रहा? ऊपर से मार्केट में हल्की गिरावट का माहौल, और शेयर खुद को लाल निशान में पाता है.
लेकिन ये शायद सिर्फ़ शॉर्ट-टर्म रिएक्शन है. एयरटेल के फ़ंडामेंटल्स न सिर्फ़ मज़बूत हैं, बल्कि और बेहतर हुए हैं.
कंपनी के फ़ंडामेंटल मेट्रिक्स:
| मेट्रिक | वैल्यू |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹11,07,961 करोड़ |
| रेवेन्यू (TTM) | ₹1,72,985 करोड़ |
| नेट प्रॉफ़िट (TTM) | ₹33,556 करोड़ |
| ROE | 10.80% |
| ROCE | 14.80% |
| P/E रेशियो | 33 |
| P/B रेशियो | 9.7 |
| इंडस्ट्री P/E | 28.41 |
| डिविडेंड यील्ड | 0.90% |
| डेट टू इक्विटी | 0.9 |
| EPS | ₹ 43.40 |
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
Bharti Airtel के परफ़ॉर्मेंस में कोई कमी नहीं है. मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ, बढ़ता ARPU, और अच्छा डिविडेंड. कंपनी 5G रोलआउट में तेज़ी से आगे बढ़ रही है, अफ़्रीका बिज़नेस को बढ़ा रही है, और मार्जिन को कंट्रोल में रख रही है.
हालांकि, वैल्यूएशन पर नज़र रखनी होगी. 33 के P/E रेशियो के साथ, एयरटेल कोई सस्ता टेलीकॉम स्टॉक नहीं है. लेकिन इसके स्केल, एग्ज़ीक्यूशन, और कंसिस्टेंट डिलीवरी को देखते हुए, ये प्रीमियम शायद जायज़ है.
प्रमोटर की हालिया हिस्सेदारी बिक्री ने मार्केट को थोड़ा हिला दिया, लेकिन ये ज़्यादा शोर है, सिग्नल कम. भारत के टेलीकॉम वॉर में एयरटेल अभी भी एक हेवीवेट है—और जीतने के लिए खेल रहा है.
वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन रेटिंग:
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ओवेरऑल रेटिंग : 4/5 स्टार
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क्वालिटी: 5/10
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ग्रोथ: 7/10
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वैल्यूएशन: 4/10
- मोमेंटम: 10/10
ज़्यादा डीटेल में फ़ाइनेंशियल जानकारी के लिए, एयरटेल की स्टॉक पेज पर विजिट करें.





