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सारांशः एक ही सेक्टर की दो केबल कंपनियां अपना पैसा बिल्कुल अलग तरीक़ों से ख़र्च कर रही हैं. एक कंपनी उसी चीज़ को और बढ़ा रही है जो पहले से चल रही है. दूसरी कंपनी इस बात पर दांव लगा रही है कि उसकी ग्रोथ का अगला दौर कहीं और से आएगा. कौन-सा दांव कामयाब होगा, यह शायद उन बारीकियों पर निर्भर करे जो मोटे आंकड़ों में नज़र नहीं आतीं.
RR Kabel इंडस्ट्रियल, प्रोजेक्ट और एक्सपोर्ट ख़रीदारों के लिए केबल में भारी निवेश कर रही है. Finolex इलेक्ट्रिकल केबल में पहले से अच्छा मार्जिन कमा रही है और अब स्पेशलाइज़्ड प्रोडक्ट्स और ऑप्टिकल फ़ाइबर की ओर क़दम बढ़ा रही है.
पहले देखिए, रेवेन्यू आता कहां से है
Finolex ने FY26 में ₹6,321 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया. इसमें इलेक्ट्रिकल केबल का योगदान ₹5,490 करोड़ यानी क़रीब 87 प्रतिशत रहा. कम्युनिकेशन केबल से ₹500 करोड़ आए. कॉपर-रॉड सेगमेंट ने ₹2,143 करोड़ का रेवेन्यू दिखाया, लेकिन इसका ज़्यादातर हिस्सा कंपनी के अंदर ही बिका और कंसॉलिडेशन में हटा दिया गया.
RR Kabel का स्ट्रक्चर ज़्यादा सीधा है. FY26 के ₹9,722 करोड़ के रेवेन्यू में वायर और केबल का योगदान ₹8,764 करोड़ यानी क़रीब 90 प्रतिशत रहा. बाक़ी हिस्सा फ़ास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) से आया, जिनमें पंखे, लाइट और स्विच शामिल हैं.
नया कैपिटल अलग-अलग जगहों पर लग रहा है.
RR Kabel का पूरा ज़ोर केबल पर
RR Kabel का रेवेन्यू FY23 के क़रीब ₹5,600 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹9,700 करोड़ हो गया. Q1 FY27 में वायर-और-केबल का वॉल्यूम 17 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन अकेले केबल का वॉल्यूम 25 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा. वायर के वॉल्यूम में क़रीब 12 प्रतिशत की बढ़त रही.
केबल प्लांट क़रीब 90 प्रतिशत कैपेसिटी पर, जबकि वायर के प्लांट 65-70 प्रतिशत पर चल रहे थे. ₹1,200 करोड़ के Project RRise कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान के पीछे की यही वजह है, जिसका मुख्य फ़ोकस केबल है. मैनेजमेंट का लक्ष्य FY28 तक कैपेसिटी को क़रीब 1.7 गुना करना है.
वायर-और-केबल का EBIT (ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई) मार्जिन FY25 के 7.4 प्रतिशत से सुधरकर FY26 में 8.9 प्रतिशत हो गया. मैनेजमेंट FY28 तक इसे क़रीब 10.5 प्रतिशत तक ले जाना चाहता है.
RR का प्लान साफ़ है: कैपेसिटी बढ़ाओ, उसे भरो और मार्जिन सुधारो.
Finolex बदल रही है अपना मिक्स
FY26 में इसके इलेक्ट्रिकल-केबल सेगमेंट ने 10 प्रतिशत से थोड़ा ज़्यादा EBIT मार्जिन कमाया. FY26 में पावर-केबल का वॉल्यूम 21 प्रतिशत, इंडस्ट्रियल फ़्लेक्सिबल केबल का 17 प्रतिशत और ऑटोमोटिव केबल का क़रीब 30 प्रतिशत बढ़ा. FY27 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रिकल-केबल का रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बिल्डिंग-वायर के वॉल्यूम में मामूली (लो सिंगल डिजिट) बढ़त हुई.
असली बदलाव कम्युनिकेशन केबल में हो रहा है.
Finolex एक इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल-फ़ाइबर कारोबार खड़ा कर रही है. कंपनी प्रीफ़ॉर्म यानी कांच की उन छड़ों के कारोबार में उतर चुकी है, जिनसे ऑप्टिकल फ़ाइबर बनता है. साथ ही वह अपनी फ़ाइबर-ड्रॉइंग कैपेसिटी को 40 लाख फ़ाइबर-किमी से दोगुना करके 80 लाख फ़ाइबर-किमी कर रही है.
FY26 में इस सेगमेंट ने ₹500 करोड़ का रेवेन्यू कमाया, लेकिन मुनाफ़ा सिर्फ़ ₹14 करोड़ रहा. FY27 की पहली तिमाही में रेवेन्यू 62 प्रतिशत बढ़कर ₹176 करोड़ हो गया और सेगमेंट का मुनाफ़ा ₹50 करोड़ के पार चला गया. क़रीब 30 प्रतिशत के इस मार्जिन को आगे के लिए पैमाना मान लेना ठीक नहीं होगा. इसे पुरानी और सस्ती फ़ाइबर इन्वेंट्री का फ़ायदा मिला था. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह फ़ायदा ख़त्म होने के साथ मार्जिन लो डबल डिजिट पर आकर टिक जाएगा.
एक्सपोर्ट और FMEG में भी बड़ा फ़र्क़
RR Kabel को अपने रेवेन्यू का क़रीब 26 प्रतिशत एक्सपोर्ट से मिलता है. FY26 में Finolex के लिए यह हिस्सा सिर्फ़ क़रीब 1 प्रतिशत था, हालांकि, FY27 की पहली तिमाही में उसका क़रीब ₹50 करोड़ का एक्सपोर्ट पिछले पूरे साल के ₹55 करोड़ के लगभग बराबर पहुंच गया.
RR के FMEG सेगमेंट ने FY26 में ₹959 करोड़ का रेवेन्यू कमाया, लेकिन यह घाटे में ही रहा. FY27 की पहली तिमाही में यह ऑपरेटिंग ब्रेकईवन पर पहुंच गया. क़रीब दो-तिहाई प्रोडक्शन आउटसोर्स होने की वजह से, यहां मार्जिन सुधारने में केबल विस्तार के मुक़ाबले कम कैपिटल लगना चाहिए.
निवेशक किन बातों पर नज़र रखें?
RR Kabel का सबसे बड़ा जोख़िम कैपिटल एलोकेशन है. कंपनी ₹1,200 करोड़ ख़र्च कर रही है, जबकि दूसरी कंपनियां भी अपनी कैपेसिटी बढ़ा रही हैं. असली परीक्षा यह होगी कि जब बाज़ार में सप्लाई भी बढ़ जाएगी, तब भी क्या नए प्लांट अच्छा रिटर्न दे पाएंगे.
FY27 में Finolex का कैपिटल एक्सपेंडिचर क़रीब ₹300 करोड़ है. उसकी चुनौती यह है कि क्या ऑप्टिकल फ़ाइबर, एक्सपोर्ट और स्पेशलाइज़्ड केबल इतने बड़े हो पाएंगे कि कंपनी की कमाई की तस्वीर बदल सकें.
कैश फ़्लो भी अहम है. FY26 में ₹623 करोड़ के स्टैंडअलोन प्रॉफ़िट आफ़्टर टैक्स के बावजूद Finolex का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो सिर्फ़ ₹49 करोड़ रहा, क्योंकि कैश वर्किंग कैपिटल में फंस गया. वैल्यूएशन को भी ध्यान से देखना होगा. Finolex के पास Finolex Industries की 32.39 प्रतिशत हिस्सेदारी है और FY26 में एसोसिएट्स और जॉइंट वेंचर्स के मुनाफ़े में उसका हिस्सा क़रीब ₹205 करोड़ रहा. इसलिए इसके हेडलाइन प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो में ऑपरेटिंग कमाई और एसोसिएट से होने वाली कमाई, दोनों मिली हुई हैं.
RR Kabel स्केल और बेहतर मार्जिन पर दांव लगा रही है. Finolex प्रोडक्ट मिक्स, ऑप्टिकल फ़ाइबर और स्पेशलाइज़्ड केबल पर दांव लगा रही है. निवेशकों को इसी तुलना पर ध्यान देना चाहिए.
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